दुर्ग । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को एक बार फिर समावेशी बजट दिया है जिसमे सभी वर्गों का विशेष ध्यान रखा गया है। छत्तीसगढ़ के वार्षिक बजट 2022-23 में ,किसानों,बच्चों महिलाओं, तृतीय लिंग समुदायों, दिव्यांगों, बुजुर्गों से लेकर सभी वर्गो के विकास पर आधारित है। सरकारी वकील के मानदेय में वृद्धि और सबसे पुरानी मांग राज्य के सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को बहाल करने का निर्णय सर्वश्रेष्ठ है।

32 नये स्वामी आत्मानंद विद्यालय हिंदी माध्यम से खोले जायेंगे। व्यापम एवं छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग परीक्षा फॉर्म निशुल्क और गरीब मजदूर की बेटी के लिए 20-20 हजार रुपये जमा करने के निर्णय की पूरे छत्तीसगढ़ में तारीफ हो रही है।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री जितेंद्र साहू ने मीडिया से चर्चा कर बताया कि महिला सुरक्षा की दृष्टि से कन्या छात्रावासों और आश्रमों के लिए 22 सौ महिला होमगार्ड के नवीन पदों का सृजन, तृतीय लिंग समुदाय के लिए आश्रम सह पुनर्वास केन्द्र, रोगियों के लिए पुनर्वास केन्द्र,बुजुर्गों के लिए हेल्पलाइन जैसे संवेदनशील प्रावधानों को बजट में शामिल करने के लिये उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
सभी पांच संभागीय मुख्यालयों में आदर्श पुनर्वास केन्द्र स्थापित करने के लिए 1 करोड़ 50 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। बजट में महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास का ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री बघेल द्वारा स्वच्छता दीदियों के मानदेय को 5 हजार रूपये से बढ़ाकर 6 हजार रूपये करने का निर्णय श्रम के प्रति सम्मान को प्रदर्शित करता है। ग्रामीण श्रेत्रों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना, राज्य एवं राज्य के बाहर सी-मार्ट स्टोर की स्थापना से छत्तीसगढ़ के उत्पादों को नया बाजार देने और ब्रांड की रूप में नयी पहचान स्थापित होने का फायदा हर वर्ग को मिलेगा। इसके माध्यम से वनांचलों में निवासरत आदिवासियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, लघु-उद्योगों सहित व्यापारी वर्गों को भी लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही मोर जमीन मोर मकान एवं मोर मकान मोर चिन्हारी योजनाओं के लिए 450 करोड़ का प्रावधान, मिशन अमृत 2.0 के तहत समस्त घरों में नल कनेक्शन प्रदान करने हेतु 200 करोड़ का प्रावधान, खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने राजीव युवा मितान क्लब के लिए 75 करोड़ का प्रावधान, ग्रामीण क्षेत्रों में 11664 एवं नगरीय क्षेत्रों में 1605 क्लबों का गठन, विधायक निधि की राशि दो करोड़ से बढ़ाकर 4 करोड़ किए जाने की घोषणा,
जिला पंचायत विकास निधि योजना में 22 करोड़ का प्रावधान, जिला पंचायत जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों के मानदेय में वृद्धि, जिला पंचायत अध्यक्ष का मानदेय 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार किया गया इसके अलावा भी कई जनकल्याणकारी घोषणाओं को बजट में शामिल किया गया है।






