विश्व हिंदी परिषद की छत्तीसगढ़ इकाई का विस्तार…विरेन्द्र कुमार साहू बने दुर्ग जिलाध्यक्ष

दुर्ग।विश्व हिंदी परिषद के सिद्धांतों और भाषाई एकता के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए संगठन की छत्तीसगढ़ जिला इकाई का एक महत्वपूर्ण विस्तार किया गया है। परिषद के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने और जमीनी स्तर पर कार्य को गति देने के लिए विरेन्द्र कुमार साहू को सर्वसम्मति से दुर्ग जिला का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। श्री विरेन्द्र कुमार साहू शिक्षा के साथ साथ साहित्य क्षेत्र में भी सक्रिय सहभागिता दे रहे हैं। हाल ही में विरेन्द्र कुमार साहू की पुस्तक मोर अंगना के शोर बाल काव्य संग्रह का विमोचन किया गया।और लगातार साहित्य क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

विश्व हिंदी परिषद का मुख्य ध्येय हिंदी भाषा को केवल संवाद का माध्यम न बनाकर उसे वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय अस्मिता और सुशासन के दर्शन से जोड़ना है। परिषद का उद्देश्य नई पीढ़ी में भारतीय मूल्यों का संचार करना, शोधपरक साहित्य को बढ़ावा देना और देश के कोने-कोने में हिंदी के माध्यम से भाषाई व सामाजिक समरसता स्थापित करना है। यह संगठनात्मक विस्तार राष्ट्रीय और प्रांतीय नेतृत्व के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ है। संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती दे रहे राष्ट्रीय महासचिव श्री विपिन कुमार एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री देवी प्रसाद मिश्र जी के विज़न और प्रेरणा से परिषद निरंतर नए आयाम छू रही है।


प्रांतीय स्तर पर, छत्तीसगढ़ में परिषद के कार्यों को गति देने प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संगीता बनाफ़र जी की सक्रिय कार्यशैली व संगठनात्मक नेतृत्व की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। डॉ. संगीता बनाफ़र जी के कार्यक्षेत्र और कुशल नेतृत्व में परिषद लगातार साहित्य, संस्कृति और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।

​नवनियुक्त दुर्ग जिलाध्यक्ष विरेन्द्र कुमार साहू ने इस जिम्मेदारी के लिए शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे परिषद के सिद्धांतों पर चलते हुए जिला स्तर एवं ग्रामीण स्तर में हिंदी के प्रचार-प्रसार और सांस्कृतिक चेतना को पहुँचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। इस नियुक्ति पर परिषद के पदाधिकारियों और साहित्यकारों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।