अंडा। प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजना रवि- सीजन 2025 – 26 की बीमा दावा,क्षतिपूर्ति राशि की घोषणा अब तक नहीं किया गया है जबकि बीते वर्षों का आंकड़ा देखे तो हर हाल में जुलाई- अगस्त माह में ग्राम इकाई वार प्रभावित फसलों चना,अलसी,सरसों,गेहूं सिंचित असिंचित के नुकसान प्रतिशत और फ़सलवार मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि का राज्य सरकार के अधिकृत एच डी एफ सी एग्रो जरनल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा किया जाता रहा है किंतु वर्तमान में अक्टूबर माह प्रारंभ हो जाने के बाद भी बीमाकृत कृषकों के प्रभावित फसलों का किसी भी प्रकार से सरकार के विभाग और इंश्योरेंस कंपनी द्वारा जानकारी जारी नहीं किया जाना ,प्रधानमंत्री के किसानों के लिए संकट मोचन योजना कहे जाने वाले ड्रीम प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की सफलता पर प्रश्न चिन्ह है। एक ओर सरकार द्वारा आंख मूंदने जैसे हालत और दूसरी तरफ योजना के नियमों जिसमे फसल के बीमा दिवस के तीन माह बाद या फसल नुकसान के विभागीय प्रतिवेदन के बीस दिन बाद मुआवजा भुगतान की शर्तें और इस अवधि में देरी पर बीमाधारी कृषकों को मूल दावा राशि के साथ ही 12 प्रतिशत ब्याज दंड की अतिरिक्त अदायगी का प्रावधान होने के बाद भी सरकारी सुस्ती से किसान बीते वर्ष रवि फसल के लिए कर्ज,खाद बीज सहित अन्य लागत के बाद हुए नुकसान पर बीमा राशि से कर्ज मुक्त होने के आश लगाए बैठे हैं।

इस संबंध में किसान प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के ज्ञापन देने पूर्व बीमा कंपनी के मातहत अधिकारियों से बात की तो बताया जा रहा है कि शासन द्वारा क्राफ् कटिंग का रिपोर्ट बीमा कंपनी को अबतक उपलब्ध नहीं करवाया गया है जिसके कारण अटका हुआ। दूसरी तरफ विभाग से जानकारी लेने पर बताया जा रहा है कि उक्त आवश्यक रिपोर्ट महीनों से तैयार है और जो बात आ रही है वह आन लाइन या ऑफ लाइन रिपोर्ट भेजे जाने का है जिस विभाग की जिम्मेदार अधिकारी जमीनी स्तर पर जाकर किसानों को बीमा से होने वाले बड़े – बड़े लाभ का भरोसा दिला ज्यादा से ज्यादा बीमा कंपनी के फायदे के लिए लक्ष्य पूरा करते है वही अधिकारी व विभाग बीमाधारी किसानों के फसल के हुए नुकसान के वाजिब लाभ दिलाने में अनिच्छा व सुस्ती पर सवाल उठना लाजमी है।

बीमा का मतलब ही “प्राकृतिक आपदा और संकट में समय पर राहत” है जो दिखाई नहीं दे रहा है। किसान आक्रोशित हैं और प्रधानमंत्री के 25 वर्ष सेवाकाल के शासन द्वारा मनाए जाने वाले सेवा संकल्प भी किसानों को भूल भुलैया व प्रपंच साबित हो रहा है। उक्त समस्या के निदान के लिए किसानो ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप तत्काल समाधान की मांग की है अन्यथा मजबूरन धरना,आंदोलन जैसे कदम उठाने बाध्य होंगे।


ज्ञापन सौंपने वालो में प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण उपाध्यक्ष रिवेंद्र यादव,पूर्व अध्यक्ष केश शिल्पी कल्याण बोर्ड नंदकुमार सेन,ब्लॉक किसान कांग्रेस अध्यक्ष योगेश भारदीय,प्रगतिशील किसान संगठन उपाध्यक्ष बंशीलाल देवांगन,ब्लॉक कांग्रेस कमेटी महामंत्री कैलाश सिन्हा,पुकेश्वर साहू,देवराज चतुर्वेदी,तुलसी देशमुख,लोकेश बंजारे,माया यादव,राहुल साहू,चंद्रशेखर साहू, डोमेंद्र देशमुख सहित अन्य किसान मौजूद रहे।






