दाऊ वासुदेव चंद्राकार कामधेनु विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा में आयोजित किसान मेला में बड़ी संख्या में पहुंचे किसान

दुर्ग । किसान भागीदारी प्राथमिकता हमारी आभियान “ आज़ादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत किसान मेला का आयोजन दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग के अधीन कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा में आत्मा परियोजना के अन्तर्गत किया गया जिसमें जिले के किसानों ने बड़ी संख्या उपस्थिति दर्ज कराई और आयोजन को सफल बनाया। कार्यक्रम में दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सदस्य व दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि क्षितिज चंद्राकर , जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष शालिनी रिवेंद्र यादव और अंजोरा की सरपंच संगीता साहू कार्यक्रम में सम्मिलित होने पंहुचे।

दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग के अधीन कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा में किसान मेला का आयोजन किया गया जिसमें जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची दुर्ग ग्रामीण के पूर्व विधायक व विश्वविद्यालय कार्य परिषद की सदस्य प्रतिमा चंद्राकर ने किसानों के मार्गदर्शन के लिए लगाए गए कृषि उत्पादों व प्राकृतिक खेती व पशुधन आधारित उत्पादों से सुसज्जित सभी स्टालों में जाकर जानकारियां प्राप्त की। विश्वविद्यालय के सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर क्षेत्र के उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समय की मांग को देखते हुए किसानों को प्राकृतिक खेती व पशुधन आधारित खेती को बढ़ावा देना आवश्यक हो गया है , जिसके लिए छत्तीसगढ़ में भुपेश बघेल की सरकार सराहनीय कार्य कर रही है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना और नरवा , घुरवा , गरबा अऊ बारी की कार्य योजना से छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिल रहा। किसानों को धान का समर्थन मूल्य अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा मिल रहा है , जिससे छत्तीसगढ़ में खेती का रकबा बड़ रहा है। कृषि के साथ साथ मछली पालन, पशु पालन , बटेर पालन व अन्य सहायक कृषि व्यवसायों से किसानों को समृद्ध करने के लिए छत्तीसगढ़ की सरकार प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष शालिनी यादव ने छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को समृद्ध करने की योजनाओं के बारे में बताया और प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ॰ नारायण पुरुषोत्तम दक्षिणकर ने कहा कि रासायनिक खेती से जमीन की उर्वरा शक्ति खत्म होने की कगार पर है , इसके लिए समय रहते किसानों को प्राकृतिक खेती की बढ़ावा देना होगा। हर वर्ष राज्य को मिलने वाले रासायनिक खादों का आबंटन पर्याप्त नहीं होता , इसके साथ ही दो देशों के बीच जारी युद्ध से इस बार डी ए पी के साथ अन्य रासायनिक खादों की भारी किल्लत रहेगी जिसके लिए किसानों को अभी से पशुधन आधारित खेती को स्थान देना होगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ एस के थापक वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र अंजोरा के द्वारा किया गया।कृषकों के लिए आयोजित इस किसान मेला को सफल बनाने में निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ आर पी तिवारी , डॉ एस के तिवारी अधिष्ठाता महाविद्यालय अंजोरा का विशेष योगदान रहा।