लगातार 48 घंटे की बारिश से दुर्ग जिले के किसान चिंतित, कई गांवों में नदी-नाले उफान पर

अण्डा। दुर्ग जिले में पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खरीफ सीजन में जिन किसानों ने धान सहित अन्य फसलों की बुवाई कर दी है, उनके खेतों में पानी भर जाने से फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका गहरा गई है। लगातार वर्षा के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खेत जलमग्न हो गए हैं और कई स्थानों पर पानी की निकासी नहीं होने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बुवाई के बाद यदि खेतों में लंबे समय तक जल-जमाव बना रहता है, तो मिट्टी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में बीज सड़ने लगते हैं, अंकुरण प्रभावित होता है और पौधों की शुरुआती बढ़वार रुक जाती है। यदि अगले कुछ दिनों तक भी बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो कई किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है, जिससे उनकी लागत बढ़ेगी और उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।

लगातार बारिश के कारण अण्डा, चिंगरी, अछोटी,चंदखुरी,कुथरेल,जंजगिरी,झोला, खड़ा, रूदा, विनायकपुर, आमटी, भरदा, कोनारी, तिरगा, भोथली सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की नदी-नाले उफान पर हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। कुछ संपर्क मार्गों पर भी पानी आने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों से नदी-नालों को पार करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश खेती के लिए लाभदायक होती है, लेकिन लगातार 48 घंटे तक हुई मूसलाधार वर्षा अब चिंता का कारण बन गई है। खेतों में जमा पानी यदि जल्द नहीं निकला, तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। किसान अब बारिश थमने और मौसम साफ होने की उम्मीद लगाए हुए हैं।

प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बारिश रुकने के बाद खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करें तथा आवश्यकता पड़ने पर कृषि अधिकारियों से संपर्क कर तकनीकी सलाह लें। जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए ग्रामीणों से भी सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से उफनती नदी-नालों के पास नहीं जाने की अपील की गई है।