खाद की अव्यवस्था को लेकर किसान पहुंचे कलेक्टोरेट; मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन

अंडा। प्रदेश सरकार की किसानो को खाद उपलब्ध करवाने की आधी-अधूरी और कटौती वाली व्यवस्था से बिफरे किसान ,जनप्रतिनिधि कलेक्ट्रेट पहुंच जताई नाराजगी तथा व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर धरना आंदोलन की उठाई आवाज।
छत्तीसगढ़ प्रदेश को ‘धान का कटोरा’ के नाम से जाना जाता है और यह पहचान यहां के मेहनतकश किसानों के अथक परिश्रम व कृषि में समसामयिक नवाचार ,आधुनिक तरीके के लगातार प्रयोग से स्थापित है। पूरे प्रदेश सहित दुर्ग जिले के किसान इस वर्ष मौसम विभाग के 90 प्रतिशत मानसून की संभावनाओं के बीच खेती किसानी में जुट गए हैं खेती में फसल उत्पादन का मुख्य आधार खाद उर्वरक होता है। सरकार किसानों जिसमे ऋणों कृषकों को सहकारी समितियों के माध्यम से तथा अऋणी कृषकों को खुले बाजार से जरूरी उर्वरक जैसे डी ए पी,यूरिया,सिंगल सुपर फास्फेट,पोटास सहित अन्य मिश्रित खाद समय में उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी होती है वर्तमान हालात यह है कि अप्रैल माह में खाद का अग्रिम उठाव नहीं होने से चिंतित किसान सीधे सोसायटी पहुंच रहे है जहां पर प्रति एकड़ मिलने वाले एक बोरी डीएपी की जगह सिर्फ 25 किलोग्राम ,दो बोरी यूरिया के स्थान पर सिर्फ एक बोरी,पोटास में भी भारीभरकम कटौती, एस एस पी भी दो बोरी के जगह एक बोरी ही दिया जा रहा है साथ ही चार एकड़ से ज्यादा खाते धारक को इसी अनुपात में आधी मात्रा अभी और बचत मात्रा 20 दिन बाद दिए जाने से किसान परेशान व आक्रोशित है।यूरिया खाद को छोड़कर बाकी सभी खाद डीएपी, एसएसपी,पोटास ये आधार खाद है जिसका उपयोग सीधे बीज बोनी के समय खेतों में डालना होता है यह खाद अभी उपलब्ध नहीं होगा तो फसल उत्पादन में सीधे नुकसान होना निश्चित है।इधर अऋणी कृषकों के लिए खुले बाजार खाद उपलब्ध नहीं है और एक तरह से अघोषित रोक सरकार की स्पष्ट नीति निर्देश नहीं होने से लगा हुआ है। इन परिस्थितियों में किसान अपनी पीड़ा को लेकर कलेक्टर से गुहार लगा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप छ: सूत्रीय मांगों के निराकरण की बात कही है जिसमें खाद की बिक्री उपलब्धता की स्पष्ट नीति की घोषणा, डीएपी,यूरिया सहित सभी खाद प्रति एकड़ पूर्व में अनुशंसित मात्रा के हिसाब से प्रदाय, पांच एकड़ से ज्यादा वाले कृषकों को खाद दो किश्त के बजाय एक बार में ही दिया जावे, खाद के साथ दिए जाने वाले गैर जरूरी खाद सामग्री लादन पर रोक लगाई जावे, सहकारी समिति में कृषक की साख सीमा पूर्ववत की तरह 60:40 किया जावे और खुले बाजार में खाद विक्रय की ठोस नियंत्रित व्यवस्था लागू करने जैसे विषय रखा गया है।
आज के ज्ञापन सौंपने वालो में प्रमुख रूप से कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष रिवेंद्र यादव केश शिल्पी कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष नन्दकुमार सेन, प्रदेश किसान कांग्रेस उपाध्यक्ष कृष्णा देवांगन, जनपद उपाध्यक्ष राजेश हिरवानी,जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष विशाल देशमुख,जनपद सदस्य मिलनतीन ठाकुर, जोन प्रभारी देवराज चतुर्वेदी,ब्लॉक कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष तुलसीराम देशमुख,सचिव ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खिलेंद्र साहू,पूर्व सरपंच गनियारी रोहित साहू, पूर्व सरपंच कोकड़ी रोशन साहू,पूर्व सरपंच कारगाडीह घनश्याम गजपाल, पूर्व अध्यक्ष सहकारी समिति बोरिगारका राजेश साहू,सेक्टर प्रभारी कैलाश सिन्हा ,लोकेश बंजारे,मनोहर साहू, तारक सिन्हा,रेवाराम ठाकुर,संतराम साहू सहित कृषक मौजूद रहे।