
पाटन।जिला पंचायत दुर्ग के पूर्व उपाध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि अशोक साहू ने राज्य और केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, खाद की किल्लत और युवाओं पर कार्रवाई जैसे कई मुद्दों पर सरकार विफल साबित हो रही है।
श्री साहू ने बतलाया कि पाटन ब्लॉक में खंड वर्षा के कारण खेती बुरी तरह प्रभावित हुई है, लेकिन किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है।कही ज्यादा पानी गिरने से बीज भी नहीं निकल पाए है।खाद एवं बीज की कमी से किसानों के माथे में चिंता की लकीर है।
उन्होंने कहा कि 16 जून से स्कूल खुल गए, लेकिन आज तक कई बच्चों को न तो बस्ता मिला है और न ही ड्रेस। स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। ना ही जर्जर स्कूलों के लिए कोई भी सार्थक कदम उठा रहे हैं।बच्चे जान जोखिम से पढ़ाई करने में विवश है।
अशोक साहू ने आगे कहा
कि बिजली कटौती बदस्तूर जारी है।लेकिन स्मार्ट मीटर के बिजली बिल से आम जन को झटका लग रहा है।पंप कनेक्शन की सप्लाई महज 5,6 घंटे ही हो रही है।
उन्होंने बरसात के दिनों में सड़को की जर्जर स्थिति के बाद भी प्रशासन चैन की नींद सोने का आरोप लगाया है।
श्री साहू ने दुर्ग जिले के तीनों ब्लॉक के सरपंचों की माली हालत का जिक्र करते हुए कहा कि ग्राम स्वराज की बात करने वाली भाजपा सरकार ग्रामों के विकास में विराम लगा दी है।उनके 17 सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से आवास योजना,जल जीवन मिशन,गौठान योजना,पेंशन योजना सहित विभिन्न मांगो से सरपंच की जवाबदेही समाप्त होती नजर आ रही है,जनपद सदस्य,जिप सदस्य भी आक्रोशित नजर आ रहे हैं।पूर्व में कांग्रेस की भूपेश सरकार में सभी वर्गों के हित के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं से सुदृढ़ करने हर संभव प्रयास किया गया था,आवश्यकता है योजनाओं को सुचारू ढंग से संचालित करने की।
श्री साहू ने आगे कहा ‘दुनिया झुकती है झुकाने वाला चाहिए’ केंद्र एवं राज्य सरकार की विफलता का जीता जागता परिणाम है।वर्तमान में देश एवं प्रदेश के किसान,छात्र,मजदूर,युव,महिलाएं,जनप्रतिनिधि सहित सभी वर्ग में हताशा एवं निराशा हाथ लगी है।प्रदेश सरकार की जवाबदेही से निराश आमजन उग्र आंदोलन की तैयारी में जुटे हुए हैं।







