अंडा।शैलदेवी महाविद्यालय, अण्डा में नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर एक भव्य गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव में महाविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे होकर माँ जगदंबा की आराधना की। पूरे महाविद्यालय परिसर में भक्तिमय और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ललित चंद्राकर (विधायक, दुर्ग ग्रामीण) उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में अजीत चंद्राकर (जनपद पंचायत सदस्य), दिग्विजय सिन्हा (सरपंच, ग्राम पंचायत अण्डा), यशवंत बंजारे (उपसरपंच, ग्राम पंचायत अण्डा), तिलक चंद्राकर एवं मुकेश अण्डा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की अध्यक्षता शैलदेवी महाविद्यालय के चेयरमैन श्री राजन कुमार दुबे ने की।

10 टीमों के बीच हुआ कड़ा मुकाबला
महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के नाम पर गठित 10 गरबा समूहों के माध्यम से अपनी मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। प्रतियोगिता में शामिल प्रमुख समूह इस प्रकार थे:
- मां महामाया समूह (M.Sc.) – विजेता (Winner)
- मां ब्रह्मचारिणी समूह (D.El.Ed. द्वितीय वर्ष) – उपविजेता (Runner-up)
- मां बम्लेश्वरी समूह (BCA)
- मां कूष्माण्डा समूह (D.El.Ed. प्रथम वर्ष)
- मां कात्यायनी समूह (B.Ed. प्रथम सेमेस्टर)
- मां शैलपुत्री समूह (B.Com.)
- मां महागौरी समूह (B.Sc. विज्ञान)
- मां सिद्धिदात्री समूह (शैलदेवी ITI)
- मां स्कंदमाता समूह (B.Sc.-B.Ed.)
- मां चंद्रघंटा समूह (B.Ed. तृतीय सेमेस्टर)
मुख्य अतिथि का उद्बोधन
मुख्य अतिथि विधायक ललित चंद्राकर ने माँ जगदंबा के जयकारे के साथ सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमें अपनी समृद्ध सभ्यता और भारतीय परंपरा की उत्कृष्टता की झलक दिखाते हैं। जब त्योहार, आध्यात्मिक आस्था और शिक्षा साथ-साथ आगे बढ़ते हैं, तभी परंपराओं का सार्थक निर्वहन होता है।” उन्होंने महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों में सांस्कृतिक मूल्य और सामाजिक समरसता विकसित करने के प्रयासों की जमकर सराहना की।

कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के चेयरमैन द्वारा मुख्य अतिथि को प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। यह पूरा आयोजन विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने और सामूहिक सहभागिता की भावना को बढ़ाने में बेहद प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।






