खैरागढ़। गर्मी के मौसम में आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित, ताजे और गुणवत्तायुक्त फल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिलेभर में तीन दिवसीय विशेष जांच अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। अभियान के दौरान 50 किलोग्राम से अधिक सड़े-गले फल नष्ट कराए गए, एक जूस सेंटर को खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर बंद कराया गया। गंडई में छापेमारी कर लगभग 60 हजार रुपए मूल्य के 60 कैरेट केले जब्त किए गए। जांच के दौरान फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायनों के इस्तेमाल की आशंका भी सामने आई है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य बाजार में बिक रहे फलों की गुणवत्ता की जांच करना, खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्यसे खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई करना था। विभागीय टीम ने जिले के प्रमुख बाजारों, फल भंडारों और विक्रय केंद्रों का निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा नियमों की पड़ताल की।
छुईखदान में पहले दिन – मिली भारी अनियमितताएं
अभियान के पहले दिन छुईखदान के नया बस स्टैंड क्षेत्र स्थित विभिन्न फल विक्रेता प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में खराब और सड़े-गले फल पाए गए। टीम ने मौके पर ही लगभग 20 किलोग्राम सड़े-गले आम, 5 दर्जन केले, पपीता और अंगूर नष्ट कराए। इसी दौरान एक गन्ना जूस सेंटर में गंभीर खाद्य सुरक्षा अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण में पाया गया कि जूस सेंटर में अत्यधिक गंदगी थी और बर्फ खुले में रखी गई थी, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने सुधारात्मक कार्य पूरे होने तक संबंधित प्रतिष्ठान को तत्काल बंद करा दिया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासनविभाग ने बताया कि जिले में फलों को कृत्रिम रूप से पकाने और आकर्षक दिखाने के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायनों तथा कृत्रिम रंगों की भी जांच की जा रही है। विभागीय टीम नमूनों को परीक्षण के लिए भेज रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सभी फल विक्रेताओं को स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन अद्यतन रखने तथा केवल ताजे और गुणवत्तायुक्त फलों की बिक्री करने के निर्देश दिए गए।
खैरागढ़ में भी नष्ट कराए गए खराब फल
अभियान के दूसरे दिन जिला मुख्यालय खैरागढ़ के इतवारी बाजार और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में निरीक्षण किया गया। यहां भी कई विक्रेताओं के पास खराब और सड़े हुए फल पाए गए। विभागीय टीम ने लगभग 15 किलोग्राम सडे गले आम, 20 दर्जन केले और 3 तरबूज को मौके पर ही नष्ट कराया। अधिकारियों ने फल विक्रेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को खराब अथवा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक फल बेचना खाद्य सुरक्षा कानून का गंभीर उल्लंघन है और भविष्य में इस प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गंडई में छापेमारी, बिना लाइसेंस चल रहा था भंडारण
अभियान के तीसरे दिन विभागीय टीम ने गंडई क्षेत्र के एक फल भंडार में छापेमार कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बड़ी मात्रा में फलों का भंडारण बिना वैध खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन के किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि फलों को तेजी से पकाने के लिए हानिकारक रसायनों के उपयोग की तैयारी की जा रही थी। अधिकारियों ने मौके से गोल्डन टच एथिलीन रिपनर, टैग पूरन और टैगपान लिक्विड जैसे पदार्थों के साथ कच्चे केले एवं कच्चे आम के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए। इसके अलावा अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 60 हजार रुपये बताई गई है। विभाग ने जब्त सामग्री को जांच प्रक्रिया पूर्ण होने तक अपने कब्जे में ले लिया है।
जनस्वास्थ्य से समझौता नहीं- सिद्धार्थ
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं जनस्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।






