पाटन।।शासकीय उचित मूल्य दुकान असोगा में खाद्य विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। जनवरी माह का राशन 50 से अधिक हितग्राहियों को अब तक नहीं मिल पाया, जबकि पोस मशीन में हितग्राहियों के अंगूठे पहले ही लगवाए जा चुके हैं।
चावल के लिए गरीब और जरूरतमंद हितग्राही रोज़ाना राशन दुकान के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन दुकान संचालक और विभाग की ओर से केवल आश्वासन ही मिल रहा है। सवाल यह उठता है कि आख़िर राशन कार्ड धारियों के नाम पर आबंटित राशन गया कहां?
मामले में पाटन ब्लॉक खाद्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। अधिकारी मानिटरिंग के नाम पर औपचारिकता निभा रहे हैं, लेकिन हितग्राहियों की समस्या जस की तस बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार पाटन ब्लॉक की कई अन्य राशन दुकानों से भी इसी तरह की गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे स्पष्ट है कि यह केवल एक दुकान का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता है।
खाद्य विभाग की इस लापरवाही से सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
हितग्राहियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जनवरी माह का शेष राशन नहीं दिया गया, तो वे मजबूरन कलेक्टर से लिखित शिकायत करेंगे और आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और गरीबों के हक के राशन पर बैठे जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या नहीं।







