झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री  शिबू सुरेन का निधन, दिल्ली में ली अंतिम सांस, सांसद विजय बघेल ने जताया शोक, दुर्ग लोकसभा के  जनता की तरफ से दी श्रद्धांजलि


दुर्ग। सोमवार को सुबह झारखंड की राजनीति के दुखद खबर रही। यहां के लोकप्रिय नेता शिबू सुरेन 81 वर्ष की उम्र में दिल्ली में अंतिम सांस ली। उनके निधन पर शोक जताया जा रहा है। सांसद विजय बघेल जो कि संसद टीवी में लाइव इंटरव्यू दे रहे थे। उसी दौरान उसे यह खबर मिली। उन्होंने अपने परिवार, दुर्ग लोक सभा तथा प्रदेश की जनता के तरफ से श्री सुरेन को श्रद्धा सुमन अर्पित किया है।

जानिए कौन  हैं सीबू सुरेन

शिबू का जन्म  11 जनवरी 1944 में पुराने बिहार के हजारीबाग जिले में नामरा गाँव में हुआ था। उनकी स्कूली शिक्षा भी यहीं हुई। स्कूली शिक्षा समाप्त करने के बाद ही उनका विवाह हो गया और उन्होंने पिता को खेती के काम में मदद करने का निर्णय लिया | पिता शोभराम सोरेन कि हत्या की गयी थी । उनके राजनैतिक जीवन की शुरुआत 1970 में हुई। उन्होंने 23 जनवरी, 1975 को उन्होंने तथाकथित रूप से जामताड़ा जिले के चिरूडीह गाँव में “बाहरी” लोगों (आदिवासी जिन्हें “दिकू” नाम से बुलाते हैं) को खदेड़ने के लिये एक हिंसक भीड़ का नेतृत्व किया था। इस घटना में 11 लोग मारे गये थे। उन्हें 68 अन्य लोगों के साथ हत्या का अभियुक्त बनाया गया। शिबू पहली बार 1977 में लोकसभा के लिये चुनाव में खड़े हुये परन्तु पराजित हुए। 1980 में वे लोक सभा चुनाव जीते। इसके बाद क्रमश: 1986, 1989, 1991, 1996 में भी चुनाव जीते।[1] 10 अप्रैल 2002 से 2 जून 2002 तक वे राज्यसभा के सदस्य रहे। 2004 में वे दुमका से लोकसभा के लिये चुने गये। सन 2005 में झारखंड विधानसभा चुनावों के पश्चात वे विवादस्पद तरीक़े से झारखंड के मुख्यमंत्री बने, परंतु बहुमत साबित न कर सकने के कारण कुछ दिनो के पश्चात ही उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा।