चार-पांच माह में बदले गए चार पंचायत सचिव, महुदा में विकास कार्य प्रभावित, स्थायी सचिव की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जनपद सीईओ को सौंपा आवेदन, मांग पूरी नहीं होने पर पंचायत में तालाबंदी की चेतावनी

पाटन। विकासखंड पाटन के ग्राम पंचायत महुदा में पंचायत सचिवों के बार-बार तबादले से पंचायत का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पिछले चार से पांच माह के भीतर पंचायत में चार सचिव बदल दिए गए। लगातार हो रहे फेरबदल के कारण पंचायत के विकास कार्यों के साथ-साथ ग्रामीणों के रोजमर्रा के जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं। इस स्थिति से परेशान सरपंच और ग्रामीणों ने अब स्थायी सचिव की नियुक्ति की मांग उठाई है।

इस संबंध में ग्रामीणों ने जनपद पंचायत पाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को आवेदन सौंपकर पूर्व सचिव भूपेंद्र मार्टिन को पुनः ग्राम पंचायत महुदा में स्थायी सचिव के रूप में पदस्थ करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार सचिव बदलने से पंचायत के कामकाज में निरंतरता नहीं बन पा रही है। योजनाओं का क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों की प्रक्रिया और ग्रामीणों से जुड़े जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

चार-पांच माह में कई बार बदला सचिव

ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत महुदा में पहले भूपेंद्र मार्टिन सचिव के रूप में पदस्थ थे, जिनका तबादला कर दिया गया। इसके बाद समीर निषाद को पंचायत सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन कुछ समय बाद उनका भी अन्यत्र तबादला हो गया। इसके पश्चात अर्जुन सिंगोर को सचिव के रूप में पदस्थ किया गया, लेकिन उनका भी कुछ ही दिनों में तबादला कर दिया गया।

इसके बाद तुममन जोशी को ग्राम पंचायत महुदा का सचिव नियुक्त किया गया, लेकिन उन्होंने पंचायत का प्रभार ग्रहण नहीं किया और लंबे अवकाश पर चले गए। ऐसी स्थिति में पंचायत का कामकाज प्रभावित होने लगा। बाद में धीरेंद्र कौशिक को प्रभारी सचिव के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई।

स्थायी सचिव नहीं होने से ग्रामीण परेशान

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में बार-बार सचिव बदलने से किसी भी कार्य को व्यवस्थित तरीके से पूरा करना मुश्किल हो रहा है। पंचायत से संबंधित दस्तावेज, शासकीय योजनाओं के कार्य, विकास निर्माण और आम नागरिकों के जरूरी कामों में परेशानी आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि चार-पांच माह में लगातार हुए तबादलों ने ग्राम पंचायत की व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है।

मांग पूरी नहीं हुई तो करेंगे तालाबंदी

सरपंच एवं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत महुदा में जल्द से जल्द स्थायी सचिव की नियुक्ति की जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और स्थायी सचिव की नियुक्ति नहीं हुई तो वे ग्राम पंचायत कार्यालय में तालाबंदी करने के लिए बाध्य होंगे।

अब देखना होगा कि जनपद पंचायत पाटन के अधिकारी ग्रामीणों की इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और ग्राम पंचायत महुदा को स्थायी सचिव कब तक मिल पाता है।