राष्ट्रीय कार्यशाला में 11 राज्यों से आए 68 शिक्षकों में जिले से गायत्री चंद्रवंशी शामिल हुई



पंडरिया- सांस्कृतिक स्तोत्र एवं प्रशिक्षण केंद्र सीसीआरटी दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा में पुतली कला की भूमिका पर राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का समापन हुआ। जिसमें पंडरिया विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला खम्हरिया की शिक्षिका गायत्री चंद्रवंशी शामिल हुई।इस कार्यशाला में देशभर से 11 राज्यों के 68 शिक्षकों की उपस्थिति रही। सीसीआरटी द्वारा आयोजित पुतली कला में शिक्षा का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने तथा नई पीढ़ी को उनसे जोड़ना सीखना रोचक एवं मनोरंजन बनाना, बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना, कल्पना शक्ति और रचनात्मकता का विकास करना, नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों की शिक्षा देना एवं भाषा संप्रेषण कौशल को विकसित करना गणित, पर्यावरण, भाषा आदि को सरल बनाना सीखने की प्रक्रिया को आनंदमय एवं तनाव मुक्त बनाना था। कार्यशाला में सभी शिक्षकों को अलग-अलग राज्य के विविधताओं से परिचित होने का अवसर प्राप्त हुआ। जिसमें छत्तीसगढ़ के शिक्षकों ने अपने राज्य की भौगोलिक स्थिति राजनीतिक एवं प्रशासनिक ढांचा, खान पान रहन-सहन भाषा कला संस्कृति और नृत्य का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया। विशेष आकर्षण के रूप में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी सभी प्रतिभागियों को कराया गया। इस प्रस्तुति ने 11 राज्यों से आए 68 शिक्षकों को प्रभावित किया।
छत्तीसगढ़ के सभी शिक्षकों को राष्ट्रपति महामहिम द्रोपती मुर्मू  के कार्यक्रम में शामिल होकर कला के प्रति उनकी भावनाओं से रूबरू होने का सुअवसर भी प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सीसीआरटी दिल्ली के अध्यक्ष विनोद नारायण इंदुरकर, कार्यशाला के उपनिदेशक आशुतोष शर्मा, कार्यक्रम प्रभारी क्षेत्राधिकार देवा , जुलेसा मैडम और कोमल मैडम उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ से कुल 10 प्रतिभागी गायत्री चंद्रवंशी, संध्या पैकरा, रीता श्रीवास्तव, अर्चना साहू, अनामिका चंद्रनाहु, उमाशंकर साहू, तिलेश्वर साहू, अंशुमन दुबे, हेमंत श्रीवास, टिकेश्वर महिलांगे शामिल हुए।