गोंडवाना समाज समन्वय बस्तर संभाग के पदाधिकारी चुने गए अध्यक्ष सुरेश सिंह नाग सचिव बने कोमरे

बीजापुर । जिला मुख्यालय के अलग-अलग जिलों से आए आदिवासी गोंडवाना समाज समन्वय बस्तर संभाग के पदाधिकारी भी चुने गए साथ ही विभिन्न स्थानो से आए दुकान लगाकर जड़ी बूटी से लेकर अपनी कला संस्कृति की पहचान को लाया गया यह कार्यक्रम तीन दिवसीय मुसालूर चौक बीजापुर में चल रहा है ।

जड़ी-बूटी चिकित्सा केंद्र से लेकर कला संस्कृति को स्थान मिला दुकानों के माध्यम से–ला मुख्यालय में चल रहे गोंडवाना समाज के दरबार में विभिन्न कला संस्कृति से जुड़ी बुटी स्टाल भी सजी जिसमें जड़ी-बूटी चिकित्सा केंद्र सहित पुरुष वर्ग व महिला युवक-युवती के लिए विभिन्न आभूषण व वस्त्र की भी जमकर बिक्री हो रही है कला संस्कृति केंद्र में अपने अपने संस्कृति की पहचान वाली सिंबल से लेकर कई विभिन्न आभूषण के क्रय विक्रय की दुकानें भी सजी हुई है इन दुकानों में कई तरह के युवक-युवतियों के आभूषण बेचे जा रहे हैं । जो कला और संस्कृति की पहचान को कायम रखती है वही नृत्य के दौरान युवक-युवतियों के साज सज्जा का सामान भी है ।

पेशा कानून, गोंडी भाषा, गोंडी लिपि, वन अधिकार अधिनियम, इंग्लिश स्पीकिंग, सहित कई साहित्यिक व सामाजिक गोंड समाज से जुड़ी पुस्तकों के भी स्टाल सजे नजर आए इंस्टॉल में गोंडी से हिंदी, गोंडी भाषा कला साहित्य, आदिवासी हिंदू नहीं है , पुनापेएक्ट, भारत के संविधान, रावण का साहित्य ,आदिवासी नहीं नाचेंगे, राजा प्रवीनचंद्र के इतिहास सहित कई विभिन्न पुस्तकों का भी मेला लगा रहा ।

गोंडवाना समाज समन्वय बस्तर संभाग के पदाधिकारी चुने गए चुनाव पद्धति पूर्वक किया गया चुनाव चुनाव प्रक्रिया में सभी समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी ने लिया भाग वही समस्त पदाधिकारियों के विधि पूर्वक चुनाव में अध्यक्ष पद पर सुमरे सिंह नाग, उपाध्यक्ष विजय कोडपी , शीतल मरकाम ,सुरेश मरकाम, हरि कृष्णा कोसा, पंडि वनडे, कोमल देव मरकाम, मोतीलाल सॉरी, संयुक्त सचिव मेहतु कुरेटि, गोपाल तेलम, मनोज पोया, राजू मरकाम, मनोज नेताम, ऑडिट शकुंतला तारों लोकेश, मरकाम मीडिया प्रभारी मुर्रा महेश कोषा अध्यक्ष रामसिंह नाग,अन्य पदाधिकारी ग्रामीण व मीडिया कर्मी उपस्थित रहे।