नगरी/सिहावा बेलरगांव।ग्राम भुरर्सीडोगरी में गोस्वामी तुलसीदास जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। रंगमंच में रामचरितमानस पाठ, भजन-कीर्तन और प्रवचन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए।

रामचरितमानस के पाठ से गूंजा गांव
सुबह से ही तुलसीदास जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से रामचरितमानस के सुंदरकांड और दोहों का पाठ किया।

पांच मानस मंडली ने “श्रीराम जय राम जय राम” और “रघुपति राघव राजा राम” जैसे भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
तुलसीदास के जीवन और कार्यों पर प्रकाश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवन, साहित्य और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। बताया गया कि तुलसीदास जी ने आम जनता की भाषा में रामकथा लिखकर धर्म और नैतिकता का संदेश घर-घर तक पहुंचाया।
गांव के बुजुर्ग ने कहा,
“तुलसीदास जी ने हमें मर्यादा, प्रेम और भाईचारे का पाठ पढ़ाया। आज के समय में उनके विचार और भी प्रासंगिक हैं।”

युवाओं ने कहा कि रामचरितमानस हमें सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में आरती के बाद सभी श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। पूरे गांव में शांति, भक्ति और एकता का संदेश गया।
आयोजकों ने कहा कि हर साल तुलसी जयंती मनाकर नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और साहित्य से जोड़ा जाएगा।जिसके मुख्य अतिथि पूर्व जनपद सदस्य सुखचंद मरकाम, सरपंच लिलबंर नागवंशी, उपसरपंच महेंद्र साहु, श्याम कश्यप, रोहणी नेताम,भागबती सोरी,उतरा साहू, कामिनी साहु, यामिनी साहू, सरस्वती यादव, गायत्री साहु सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।






