जामगांव (आर) ।जीवन के कठिन समय में मानस को आचरण में लाने वह उस मार्ग में चलने पर ही मानव उस विषम परिस्थितियों से पार लेता है , ठीक इसी प्रकार साहित्य हमारे जीवन में धैर्य लग्न , स्नेह व सद्भाव लाता है, इसलिए आज भी गोस्वामी तुलसीदास जी वह मुंशी प्रेमचंद जी प्रासंगिक है । ऐसे उद्गार प्राचार्य श्रीमती चेतना ठाकुर जिन्होंने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिंदी मध्यम स्कूल जामगांव( आर) में आयोजित तुलसी जयंती व प्रेमचंद जयंती के उपलक्ष्य में शाला के सभागार में अपने अध्यक्षता भाषण में दिए । कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पूजा अर्चना कर किया गया। मुख्य अतिथि श्रीमती कृष्णा वर्मा (सुरभि महिला मानस मंडली, मर्रा व बनवासी महिला विकास समिति दुर्ग अध्यक्ष) ने रामचरितमानस के सभी प्रसंग को संक्षेप में वर्णन कर अपने जीवन को किस प्रकार सुंदर और सुव्यवस्थित बना सकते हैं इसका उदाहरण दिया ।
विशेष वक्ता और आंचल के कहानीकार शिक्षक राजेंद्र नाग ने मुंशी प्रेमचंद जी की जीवनी के साथ-साथ उनकी कहानियों की प्रासंगिकता पर रोशनी डाली और छात्रों को साहित्य से जुड़ने की प्रेरणा दी ।
विद्यार्थियों द्वारा शिव पार्वती विवाह कथा भजन की प्रस्तुति दी गई,साथ ही बच्चों के द्वारा मुंशी जी की ईदगाह का वाचन किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्रीमती चेतना ठाकुर (प्राचार्य) ,श्रीमती कृष्णा वर्मा, ओपी वर्मा, सीएससी श्री महिपाल सर ,श्रीमती विनीता सुधीर ,श्रीमती अनामिका साहू, सर एस आर ठाकुर, श्रीमती सुशीला निर्मल, श्रीमती खैरून निशा खान, श्रीमती निलाक्षी मुखोपाध्याय, श्रीमती दीपिका मारकंडे, श्रीमती सुरभि तिवारी, श्रीमती हेमलता राजपूत, श्रीमती सीमरनकौर ,सहित सभी शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रहे संचालन अमर पाठकर ने किया ।







