सरकारी अधिकारी- कर्मचारियों का हड़ताल शुरू, दफ्तरों में छाईं खामोशी, भटकते दिखें आमजन

आशीष दास

कोंडागांव/बोरगांव । फरसगांव अस्पताल मैदान के दूर्गा मंच पर सरकारी अधिकारी- कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले प्रदर्शन का आगाज हो चुका है। इसी कड़ी में अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन की अगुवाई में फरसगांव क्षेत्र के भारी संख्या में अधिकारी कर्मचारी गण धरने में शामिल हुए। जिसको कई कर्मचारी संगठनों ने समर्थन दिया है। स्कूलों से लेकर सरकारी दफ्तरों तक में ताले लग गए हैं। प्रदर्शन कर रहे अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के लोगों का कहना है कि, अगर उनकी मांगें इन 5 दिनों के अंदर पूरी नहीं की गईं तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।

“अभी नहीं तो कभी नहीं” के तर्ज पर हड़ताल का हुआ आगाज-

‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ की तर्ज पर सभी कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले आज 25 जुलाई से 29 जुलाई तक 5 दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। जिसमें लगभग सभी विभागों के संयुक्त आह्वान पर ब्लाक, जिला, एवं प्रदेश स्तर पर सभी जगह कर्मचारी हड़ताल पर हैं। फेडरेशन की मुख्य मांग है कि, केंद्र के समान महंगाई भत्ता व गृहभत्ता दिया जाए।

इस सम्बंध में फरसगांव ब्लाक के संयोजक भास्कर वर्मा ने बताया कि, सावन के पुण्य महीने में सभी विभाग के कर्मचारी और अधिकारी भोलेनाथ जी को नाम लेकर प्रदेशभर के सभी संगठन आज से हड़ताल की शुरुआत कर चुके हैं।

दफ्तरों में लगे ताले, भटकते रहे ग्रामीण-

इस दौरान हड़ताल के चलते ग्रामीणों को कई समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, आज सोमवार ब्लॉक मुख्यालय फरसगांव के मुख्य बाजार होने के चलते कई लोग अपने काम के सिलसिले में फरसगांव तहसील कार्यालय, जनपद कार्यालय सहित कई मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसगांव में पहुंचे, लेकिन वहां चल रहे हड़ताल के कारण दफ्तरों में ताले लगे रहने से ग्रामीणों को भटकते हुए देखा गया।

कर्मचारी और सरकार के बीच पीस रहे हैं आम जनता-

ग्राम हीर्री के रमेश पांडे, सिंगारपुरी के फागूराम बघेल, आसाराम बघेल, पांडे आठगांव पंचराम पांडे सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि वे जनपद कार्यालय व तहसील कार्यालय में आय, जाति, निवास, सहित भू-अधिकार अभिलेख सहित एवं अन्य कार्य के लिए पटवरी के पास आए थे। इनके हड़ताल के चलते कोई काम नहीं हुआ और सभी को वापस आना पड़ गया। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच बेमतलब जनता पीस रहे हैं, सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।

बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिलेगा_

इसके साथ ही फरसगांव ब्लॉक के कई स्कूल भी बंद पड़े मिले।फिलहाल स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था के साथ-साथ मध्याह्न भोजन, कोरोना वैक्सीनेशन, जाति-निवास प्रमाण पत्र आदि जिम्मेदारी भी शिक्षकों के पास है। जाहिर है कि हड़ताल पर होने के कारण ये सारे काम प्रभावित होंगे। शिक्षकों के हड़ताल पर होने की स्थिति में दूसरे विभाग की मदद से मध्याह्न भोजन का संचालन किया जाता था, लेकिन इस बार यह भी संभव नहीं है, क्योंकि दूसरे विभाग के लोग भी हड़ताल पर रहेंगे। ऐसी स्थिति में 25 से 29 जुलाई तक बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिलेगा।

ये रहे मौजूद-

इस दौरान मुख्य रूप से योगेश्वर साहू अध्यक्ष, वीरेंद्र चनाप, अशोक मरकाम, संतोष देवांगन, अशोक मरावी, गयाप्रसाद नेताम, लकेश सेठिया, विशेष सिंह, महेंद्र कुमार पटेल, नकुल राम भोयर, ऐके कश्यप, बीके अठभैया, मानस कुमार साहू, राजीव नयन तिवारी, दमयंती पांडे, प्रमिला पांडे, अनीता मंडावी, अमरनाथ ध्रुव, कल्याण सिंह ध्रुव, कमलोचन नेताम, अरुण चनाप, संजय सिंह, चैतू नेताम, बालसिंह मरकाम, सनी शर्मा, फूलसिंह मंडावी, रमेश कुंडू, प्रहलाद पांडे, जन्मजय पोटेडी, वासुदेव नाग सहित बड़ी संख्या में ब्लॉक अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।