स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बेल्हारी में संकुल स्तरीय प्रवेश उत्सव एवं साइकिल वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन।

शिक्षा, संस्कार और सपनों को मिली नई उड़ान : बेल्हारी में प्रवेश उत्सव एवं साइकिल वितरण कार्यक्रम संपन्न,

बेल्हारी, 04 जुलाई 2026।

नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ अवसर पर स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बेल्हारी में संकुल स्तरीय प्रवेश उत्सव एवं साइकिल वितरण कार्यक्रम का गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति उत्साह जागृत करना, विद्यालय में दसवीं एवं 12वीं हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम का बोर्ड परीक्षा 2026 में उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले छात्राओं को सम्मानित किया गया पालकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति जागरूक करना तथा नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करना रहा।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कल्पना नारद साहू जी थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनीष चंद्राकर जी, अध्यक्ष शाला विकास समिति बेल्हारी ने की। विशेष अतिथि के रूप में अमित अग्रवाल जी, सरपंच ग्राम पंचायत बेल्हारी एवं कमलेश साहू जी, भाजपा मंडल अध्यक्ष जामगांव (आर) उपस्थित रहे। साथ ही नवगठित शाला विकास समिति के सदस्यगण महेश साहू जी, यादमल गोलछा जी, मुकेश चंद्राकर जी, पवन साहू जी, भूपेंद्र मार्कण्डेय जी, श्री डिकेश देवांगन जी, युवराज साहू जी, कैलाश निषाद जी, चंद्रकला कुर्रे जी, लक्ष्मी प्रजापति जी, बिंदु प्रजापति जी, कीर्ति ज्योति साहू जी, दुर्गा प्रजापति जी, गीता धनकर जी, ममता भीमगंज जी एवं रितु धनकर जी सहित पालकगण एवं क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पुष्प भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक एवं साइकिल वितरण कर उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ दी गईं।

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्रीमती कल्पना नारद साहू जी ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक सशक्त, जागरूक एवं संस्कारित समाज के निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही कल के वैज्ञानिक, चिकित्सक, शिक्षक, प्रशासक एवं राष्ट्र निर्माता बनेंगे। इसलिए उनके भीतर ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन, संवेदनशीलता एवं राष्ट्रप्रेम का विकास होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पालकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को केवल अंक प्राप्त करने की दौड़ में न लगाएँ, बल्कि उन्हें एक अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा भी दें। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय, परिवार एवं समाज तीनों का समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री मनीष चंद्राकर जी ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण की पवित्र पाठशाला है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज समाज को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो शिक्षित होने के साथ-साथ संस्कारित, जिम्मेदार एवं संवेदनशील नागरिक भी हों। उन्होंने पालकों से बच्चों के लिए सकारात्मक एवं प्रेरणादायी वातावरण निर्मित करने की अपील की।

विशेष अतिथि श्री अमित अग्रवाल जी ने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का जिम्मेदार नागरिक है। आधुनिक तकनीक के इस युग में बच्चों के सामने अवसरों के साथ अनेक चुनौतियाँ भी हैं। मोबाइल एवं सोशल मीडिया का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, नशे एवं अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहने तथा माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है, इसलिए शिक्षा के साथ-साथ खेल, योग एवं स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक रहना आवश्यक है।

विशेष अतिथि श्री कमलेश साहू जी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों के बच्चों में अपार प्रतिभा विद्यमान है। आवश्यकता केवल आत्मविश्वास, सही मार्गदर्शन एवं निरंतर प्रयास की है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और संकल्प मजबूत हो तो सफलता अवश्य प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों, वैज्ञानिकों एवं महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।

विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रीना चौधरी जी ने विद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक गतिविधियों एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी विद्यालय परिवार की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने पालकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति, अध्ययन, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं व्यवहार पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पाठ्यक्रम पूर्ण करने का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार निर्माण एवं भविष्य निर्माण का केंद्र है उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से विद्यालय के शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं विकासात्मक कार्यों में निरंतर सहयोग प्रदान कर शिक्षा के इस महत्त्वपूर्ण अभियान को और अधिक सशक्त बनाने का आग्रह किया।

उन्होंने पालकों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। पालक अपने बच्चों की नियमित उपस्थिति, अध्ययन एवं व्यवहार पर विशेष ध्यान दें तथा उन्हें सकारात्मक, प्रेरणादायी एवं अनुशासित वातावरण प्रदान करें। विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम एवं समय का सदुपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच एवं संस्कार ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।

संकुल समन्वयक श्री चंद्रशेखर देवांगन जी ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चा अद्वितीय प्रतिभा का धनी होता है। आवश्यकता केवल उसे उचित अवसर एवं मार्गदर्शन प्रदान करने की है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ कौशल, नवाचार एवं नेतृत्व क्षमता का विकास भी करना होगा। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के भीतर जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं रचनात्मक सोच विकसित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, समय प्रबंधन, संविधान के प्रति सम्मान, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि वे जीवन में आने वाली कठिनाइयों से घबराएँ नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन, परिश्रम एवं दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहें।

इस अवसर पर विद्यालय के समस्त हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक-शिक्षिकाएँ, व्याख्यातागण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से पूज्यनीय गुरुदेव श्री योगेंद्र कुमार साहू जी (व्याख्याता, संस्कृत), श्री उत्तम कुमार पटेल जी, सुश्री हेमावती जी, श्री किशोर जायसवाल जी, श्रीमती मुकेश्वरी ध्रुव जी, श्रीमती गीतांजलि खुंटैल जी, श्री देवेंद्र साहू जी, श्रीमती दीपिशा एन.के. मैम जी, श्री लीलाधर सूर्यवंशी जी, सुश्री तृष्णा चक्रवर्ती मैम जी, सुश्री कौशर अंजुम मैम जी, श्री बिलाल अहमद अंसारी जी, श्रीमती प्रियंका आनंद जी, श्रीमती खुशबू मिश्रा जी, श्री वासुदेव नंदन नाग जी, श्रीमती चंद्रकला साहू जी (व्यायाम शिक्षक), श्रीमती अनीता शर्मा जी (प्रधान अध्यापक, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बेल्हारी), श्री कमलेश कुमार साहू जी, श्रीमती श्रद्धा वर्मा जी, श्री पुलस्त्य कुमार साहू जी, श्री चलेश कुमार साहू जी, सुश्री जागृत अग्रवाल जी, श्री पुष्पेंद्र साहू जी, श्री अमनदीप सोनी जी, श्री तोषण लाल साहू जी, श्री बुधराम साहू जी, श्री नरेंद्र साहू जी, श्रीमती श्रुति शर्मा जी, सुश्री विद्या नायर जी (पी.टी.आई.), श्रीमती द्रौपती गंजीर जी, श्रीमती नेहा आनंद माहेश्वरी जी, श्री विजय साहू जी, विद्यालय के कार्यालयीन कर्मचारी श्री तुषार कामरे जी (लिपिक) तथा विद्यालय परिवार के सहयोगी श्री हेमंत प्रजापति जी, श्री भूषण लाल ठाकुर जी, श्री अनिल कुमार जी सहित अन्य कर्मचारीगण, पालकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का प्रभावी, आकर्षक एवं गरिमामय संचालन श्रीमती खुशबू मिश्रा जी द्वारा किया गया। उन्होंने अपनी सहज, मधुर एवं ओजस्वी प्रस्तुति से पूरे कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा। अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों, पालकों एवं उपस्थित जनसमुदाय का धन्यवाद ज्ञापित किया।

यह आयोजन विद्यार्थियों, पालकों एवं आमजन के मन में शिक्षा के प्रति जागरूकता, अनुशासन, स्वच्छता, स्वास्थ्य चेतना, सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रप्रेम तथा संविधान के प्रति सम्मान की भावना जागृत करने में अत्यंत सफल रहा। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के संकल्प के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बेल्हारी
संकुल बेल्हारी, विकासखंड पाटन, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़)