विजयादशमी उत्सव एवं पथसंचलन दूसरा वृहद गृहसंपर्क अभियान तीसरा हिंदू सम्मेलन, चौथा युवा सम्मेलन, पांचवा सामाजिक सद्भाव बैठक छठवां प्रमुख जनगोष्टी एवं सातवां अधिक स्थानों पर शाखा का आयोजन। इन सातों कार्यक्रमों के माध्यम से भारत की प्रत्येक गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्षो के कार्यों को लेकर जन जागरण का एवं हिंदू जागरण का कार्य किया जा रहा है।
इसी कार्यक्रम में पंडरिया खंड के 35 मंडलों में भी यह कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं खंड केंद्र पंडरिया में शनिवार को यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिसमें सभी समाज के प्रमुखों की उपस्थिति के साथ मुख्य अतिथि के रूप में हेमंत सिंह राज,अध्यक्षता बृजनंदन जायसवाल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में रामानुज सँवरा, कुलदीप सिंह छाबड़ा, सुरेश सिंह ठाकुर , विजय बर्मन , हरीश जैन , भास्कर देवांगन, नरेंद्र तिवारी, संजय सोनी, गजपाल साहू एवं वीरों की पवित्र भूमि तथा सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा का जन्म स्थान पुष्कर राजस्थान से पधारे संतवक्ता पूज्य रामानंद सरस्वती महाराज एवं मुख्य वक्ता पूर्णेन्द सिन्हा प्रांत मंत्री विश्व हिंदू परिषद छत्तीसगढ़ प्रांत की गरिमामय उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के तेल चित्र की पूजा अर्चना के साथ प्रारंभ हुआ। नगर के उपस्थित मातृशक्तियों एवं भजन मंडली के द्वारा भजन गायन किया गया। साथ ही बच्चों द्वारा देशभक्ति एवं भगवान भक्ति की गीत व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।उपस्थित अतिथियों का पुष्पहार, पटका पहना तिलक लगाकर स्वागत अभिनंदन किया गया। उद्बोधन की कड़ी में उपस्थित सभी अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जो भी कार्य करता है,समाज के हित में कार्य करता है।आज जो हमें भारत में दिख रहा है,आज से 500 वर्ष के कठिन तपस्या, लड़ाई एवं बलिदान के बाद भारत के गौरव का प्रतीक भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का भव्य मंदिर बनने एवं देखने का सौभाग्य हमें मिल रहा है।इस लड़ाई को लड़ने वाले लाखों हिंदू वीरों ने प्राणों की आहुति दी, तब जाकर कहीं यह अवसर हमें देखने को मिल रहा है।उस समय का नारा था, रामलला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे, बाद में यह नारा बदलकर रामलला अब आएंगे मंदिर भव्य बनाएंगे।जिसके बाद समय बदलते गया ।हिंदू समाज संगठित होते गया और नारा बदलता गया। रामलला हम आए हैं मंदिर भव्य बनाए हैं।इस प्रकार से सामाजिक चेतना के साथ संपूर्ण भारतवर्ष में हिंदुत्व के जागरण के लिए यह कार्य संघ के माध्यम से सभी स्थानों पर किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य है कि राष्ट्रीय चेतना का भाव पंच परिवर्तन के माध्यम सबके हृदय में जागृत हो तब कहीं जाकर समाज में एक व्यापक परिवर्तन देखने को मिल सकेगा। कोई समाज जाति में बट कर रहने से किसी का भी भला नहीं होने वाला है। इसका ज्वलंत उदाहरण आप बांग्लादेश और पाकिस्तान में देख सकते हैं। वहां पर कोई जाति नहीं पूछा जाता वहां पर आपका संविधान और आरक्षण की व्यवस्था नहीं है। जहां हिंदू बड़ी संख्या में है वहीं अन्य समाज व अन्य धर्म के लोग अपने आप को सुरक्षित महसूस करते हैं,जबकि जहां हिंदुओं की संख्या घटी है,वहां कोई भी हिंदू सुरक्षित नहीं रह सकता। उसके अलावा भारत के ही कुछ राज्यों में चाहे केरल हो कश्मीर हो या पश्चिम बंगाल हो ऐसे राज्यों में हिंदुओं की स्थिति बहुत ही दयनीय हो चुकी है। हमें अपने स्वाभिमान के लिए जागना होगा और जो इनके द्वारा लैंड जिहाद, लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे कार्य कर रहे हैं, इसका डटकर विरोध करने के लिए हमें जाति बंधन से मुक्त होकर सामाजिक एकता और अखंडता बनाए रखने का प्रयास करना होगा।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे रघुनंदन गुप्ता एवं रामनाथ राजपूत के आलावा खंड कार्यवाह होरीलाल गबेल , रितेश ठाकुर , आकाश ठाकुर , विक्रम सिंह ठाकुर , संतोष जैन , राजेश पांडे ,
इस कार्यक्रम में विशेष रूप से चंद कुमार सोनी, नवल किशोर पांडेय, कल्याण सिंह ठाकुर, रवि सिंह ठाकुर, रामकुमार यादव, देवचरण यादव, हरण सोनी, अंजू शर्मा, संगीता हलवाई, मीनाक्षी ठाकुर, सुमित तिवारी, अपेंद्र चौबे आदि उपस्थित रहे। सभी समाज के लोगों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण समिति के सदस्यों, बेजुबा सेवा समिति एवं महामाया सेवा समिति के अलावा शिव शक्ति महिला भजन मंडली, प्रभात फेरी समिति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को मोमेंटो गिफ्ट पैक, भारत माता की प्रतिमा एवं श्री राम की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया।







