लगातार गिर रहा भूजल स्तर,मार्च में सूखने वाला डबरी दिसम्बर में सुख रहे


पंडरिया। ब्लाक अंतर्गत भूजल व प्राकृतिक जल संसाधनों पर स्तर गिरते चला जा रहा है। ट्यूबवेल में जहाँ भूजल का लेबल 140 से 200 पहुंच गया है,वहीं क्षेत्र में उपलब्ध प्राकृतिक जल स्त्रोत नदी व तालाबों में लगातार जल की मात्रा कम होते जा रही है।क्षेत्र की प्रमुख नदी में पानी की मात्रा अन्य वर्षों से कम हो गई है।वहीं महली में स्थित डबरी जो मार्च महीने में सूखती थी,वह इस बार दिसम्बर के प्रथम सप्ताह में ही सुख चुकी है।लगातार गिरते जल स्तर व जल स्त्रोतों में पानी की कमी क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है।


बांध बनाने की जरूरत-लगातार जल स्रोतों में पानी की कमी व भूजल स्तर के नीचे जाने को रोकने के लिए शासन को क्षेत्र ने उच्च क्षमता वाले बांध बनाने तथा भूजल को बढ़ाने पहल शुरू करनी चाहिए।क्रांति बांध को बड़ा बांध बनाकर,हाफ नदी में बांध बनाकर तथा आगर नदी में बांध बनाकर क्षेत्र के भूजल स्तर को बढ़ाया जा सकता है,साथ ही नदी में व्यर्थ बहने वाले पानी को रोका जा सकता है।


गर्मी में धान के फसल पर रोक– विगत कुछ वर्षों से क्षेत्र में गर्मी के मौसम में धान की खेती की जा रही है।जिसके लिए कोई सिंचाई सुविधा नहीं है,केवल ट्यूबवेल से सिंचाई की जाती है।जिससे गर्मी के दिनों में क्षेत्र का भूजल स्तर काफी नीचे चला जाता है,क्षेत्र के अधिकतर हैंड पम्प सूख जाते हैं।गर्मी में लगाये जाने वाले धान के फसल में रोक लगाकर कम पानी वाले फसल को लगाने बढ़ावा देना चाहिए।