संजय साहू / अंडा। ग्राम जंजगिरी में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी परमपूज्य संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा की जयंती श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ मनाई गई। गुरु घासीदास जयंती मनाने का मुख्य उद्देश्य उनके द्वारा दिए गए सामाजिक समानता, सत्य, अहिंसा और भाईचारे के संदेशों को याद करना तथा उन्हें अपने जीवन में अपनाना है।
गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का अमर संदेश आज भी समाज को छुआछूत, भेदभाव और असमानता से मुक्त कर एक समरस समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
जयंती समारोह के साथ-साथ गांव में पारंपरिक मंडई का आयोजन किया गया, वहीं रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक नृत्य, गीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर जनपद पंचायत दुर्ग के सभापति लोमश चंद्राकर, सरपंच गीता ठाकुर, उपसरपंच गौकरण साहू, इंद्रजीत देशमुख, समस्त पंचगण, सामाजिक अध्यक्ष, युवा अध्यक्ष सहित अजय चतुर्वेदी, सूरज साहू, नंदलाल चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में ग्रामवासियों, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों का विशेष योगदान रहा। समस्त अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए गुरु घासीदास बाबा के विचारों को समाज में फैलाने की अपील की।








