कस्तूरबा ग़ांधी बालिका आवासीय विद्यालय दुल्लापुर बाजार में बालदिवस पर हैंड राइटिंग बुक तैयार कराया गया

पंडरिया। बाल दिवस के अवसर पर कस्तूरबा ग़ांधी बालिका आवासीय विद्यालय दुल्लापुर बाजार में बाल दिवस के अवसर पर पंडित जवारलाल नेहरू को याद कर पूजा अर्चना की गई एवम कार्यक्रम का आयोजन किया गया।प्रत्येक बालिकाओ द्वारा हैंड राइटिंग बुक तैयार किया गया।यह सोच एक अद्वितीय और प्रेरणादायक अनुभव है। यह न केवल लेखन कौशल में सुधार करने का एक साधन है, बल्कि यह विचारों की गहराई और भावनाओं की अभिव्यक्ति के लिए भी एक मंच प्रदान करता है। इस बुक में बालिकाएं अपने मन की बातों को खुलकर लिख पाएंगे। इस नवाचारी पहल से बच्चे इस दिवस के महत्व, इतिहास और इसके आसपास के सांस्कृतिक संदर्भ को शामिल करने के लिए विचार करें।


इस हैंड राइटिंग बुक की संरचना को आकर्षक और प्रेरक बनाने के लिए बालिकाओं ने अपने – अपने तरीके से प्रयास कर अपनी कला को उभारा। जिसमे पत्तियों व बीजों के विभिन्न प्रकार,स्वरचित छोटी छोटी कविता, कहानी
एवम भावनाओं को कागज पर उतारे।कामिनी जोशी ने बताया कि वे बाल दिवस पर अपने देश की आजादी के लिए किए गए बलिदानों पर लिख सकते हैं या उन व्यक्तियों के बारे में विचार कर सकते हैं।जिन्होंने देश को नई दिशा दी। लेखन को चुनौतियों और समस्याओं को सुलझाने का एक तरीका बनाना हमेशा उपयोगी होता है।

इस तरह की अभिव्यक्ति से न केवल लेखन कौशल में सुधार होगा, बल्कि व्यक्तिगत सोच और दृष्टिकोण को भी विकसित किया जा सकता है।बुक के अंत में बच्चे अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा कर सकें। यह उन्हें अपने विचारों को शब्दों में डालने का एक व्यक्तिगत अवसर देगा। इससे उनके लेखन में स्पष्टता और आत्म-स्पष्टता आएगी। साथ ही, यह उन्हें अपनी प्रस्तुतियों में और अधिक आकांक्षी बनने के लिए प्रेरित करेगा। इस तरह की हैंड राइटिंग बुक तैयार करने से लेखन कौशल में सुधार होगा। बाल दिवस के अवसर पर सभी बालिकाओ द्वारा बनाया गया।