बैंक केशियर के काउंटर में सीधा घुसकर मांगने लगा पैसा, लाइन से आने कहा तो कर दी कैशियर की पिटाई, रिपोर्ट लिखाने 5 घंटा थाने में बैठा रहा पर नही हुआ एफआईआर, अब संगठन ने डीएम और एसपी को आवेदन दिया, 5 दिन से चक्कर काट रहे पीड़ित, पढ़िए पूरी खबर


दुर्ग। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के बेमेतरा जिला के बेरला शाखा में कार्यरत एक बैंक कर्मी कैशियर से मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के पांच दिन बाद भी अभी तक पीड़ित बैंक कर्मी का एफआईआर नही लिखा गया है। जबकि घटना के दिन ही पीड़ित बैंक कर्मी एफआईआर दर्ज कराने बेरला थाना में करीब पांच घंटा बैठा था। उसे आवेदन लेकर वापस भेज दिया गया। अब यह मामला जिला सहकारी सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग, बालोद, बेमेतरा के कर्मचारी संगठन के पास आया है। उसके बाद से जिला अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण चंद्राकर द्वारा बेमेतरा एसपी और कलेक्टर को आवेदन देकर इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की गई है। जानकारी के मुताबिक जल्द ही पीड़ित बैंक कैशियर का एफआईआर नही लिखा गया तो बालोद, बेमेतरा और दुर्ग जिला के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कर्मचारी संगठन आंदोलन का रुख अख्तियार कर सकता है।

डीएम बेमेतरा को दिए आवेदन में बताया गया है की जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के बैंक शाखा बेरला में  12 जून के ग्राम सिलघट में रहने वाला सत्यम ठाकुर पिता वेद सिंह ठाकुर जो की शराब के नशे में था उनके द्वारा केशियर काउंटर में सीधे आगे आकर जल्दी से पैसे देने की मांग करने लगा। जिस पर बैंक में कार्यरत कैशियर उत्तम साहू ने लाइन से आने के लिए बोला। इसके बाद सत्यम ठाकुर आवेश में आ गया और कैशियर से मारपीट करने लगा। इस मारपीट में कैशियर का कपड़ा फट गया। इसके बाद शाम 4 बजे के करीब केशियर उत्तम साहू इस घटना का एफआईआर लिखवाने बेरला थाना पहुंचे। लेकिन वहा पर रात्रि के 10 बजे तक वो बैठा रहा । जब एफआईआर नही लिखी गई तो घटना की जानकारी देते हुए आवेदन देकर सत्यम ठाकुर पर कार्रवाई की मांग करते हुए थाना में आवेदन देकर केशियर उत्तम साहू वापस लौट गए। जब इसके बाद भी कोई कारवाई नही हुई तो उत्तम साहू ने इस घटना की जानकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण  चंद्राकर को दिए। जिसके बाद कार्रवाई की मांग को लेकर बेमेतरा डीएम और एसपी को आवेदन दिया गया। बताया जा रहा है की इस घटना को लेकर कर्मचारी संगठन में काफी आक्रोश है। करवाई नही हुई तो आंदोलन की कर सकते है।