पाटन। शासकीय चंदूलाल चंद्राकर स्नातकोत्तर महाविद्यालय पाटन में उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्राचार्य डॉ नंदा गुरवारा के मार्गदर्शन व दिशा निर्देश में एकदिवसीय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक और छात्रों का सम्मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनभागीदारी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष योगेश निक्की भाले, अध्यक्ष महाविद्यालय प्राचार्य डॉ नंदा गुरवारा, तथा विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार संदीप मिश्रा, जन भागीदारी सदस्य प्रकाश चंद्राकर, सागर सोनी, केवल देवांगन, आदित्य सावर्णी, मिलन देवांगन सहित समस्त जन भागीदारी सदस्य, डीआरएस सेजेस पाटन, स्वामी आत्मानंद स्वामी उत्कृष्ट हिंदी माध्यम कन्या पाटन, मैत्री विद्यानिकेतन स्कूल पाटन के प्राचार्य थे।



प्राचार्य डॉ नंदा गुरवारा और अतिथियों द्वारा छग महतारी , मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत किए। अतिथि सहायक प्राध्यापक चंद्रशेखर देवांगन ने आंगतुक अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया। वरिष्ठ प्राध्यापक बीएम साहू के संयोजन में पर्यावरण जागरूकता संदेश के साथ आगंतुक अतिथियों को महाविद्यालय परिवार द्वारा पुष्प-पौध भेंट कर स्वागत किया गया।
प्राचार्य डॉ नंदा गुरवारा ने स्वतंत्रता सेनानी की पावन धरा में स्थापित पाटन कॉलेज में पधारे अतिथियों , विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों का अभिनंदन करते हुए पोषक विद्यालय संपर्क अभियान के अंतर्गत प्राचार्य, शिक्षक, छात्र सम्मिलन कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट किया। पाटन महाविद्यालय की शैक्षणिक, खेल, राष्ट्रीय सेवा योजना, रेड क्रॉस, की उपलब्धियों से अवगत कराते हुए 12 वी उत्तीर्ण पश्चात पाटन महाविद्यालय में प्रवेश लेने प्रेरित किया।
अंग्रेजी विभाग के हेड शैलेष मिश्र ने पावर प्वॉइंट के माध्यम से कॉलेज में संचालित कोर्स व सीट संख्या, प्राध्यापकों की संख्या व अनुभव, वर्तमान सत्र की गतिविधियों, उपलब्धियों, इन्फ्रास्ट्रक्चर, अंग्रेजी लैब, प्रयोगशाला की सुविधाओं, के बारे विस्तार से बताया। डॉ पुष्पा मिंज ने साहित्यिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के बारे में बताया। मुख्य अतिथि योगेश निक्की भाले ने पाटन कॉलेज की सराहना करते हुए कहा कि दुर्ग संभाग के ग्रामीण अंचल का सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालय पाटन में है।
शहर के कालेजों जैसी सुविधाएं पाटन महाविद्यालय में उपलब्ध है और जो भी कमियां रह गई है उसको शीघ्र अतिशीघ्र पूरा किया जाएगा। उद्बोधन पश्चात छत्तीसगढ़ की पारंपरिक गीतों के माध्यम महाविद्यालयीन छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मंचीय कार्यक्रम पश्चात स्कूल के विद्यार्थियों को रसायनशास्त्र, प्राणिशास्त्र, भौतिक शास्त्र, वनस्पतिशास्त्र, भूगोल की प्रयोगशाला और कंप्यूटर लैब का भ्रमण कराया गया। प्रयोगशाला में उपलब्ध सुविधाओं को देख कर छात्र छात्राएं गदगद हो उठे।
कला संकाय के विद्यार्थियों ने समाजशास्त्र विभाग से सामाजिक परंपराओं और राजनीति विज्ञान विभाग के प्राध्यापकों से मिलकर संवैधानिक मूल्य, राज्य सरकार की कार्यप्रणाली महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों से, हिंदी विभाग से लोक कला व साहित्य की जानकारी प्राप्त किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ साधना राहटगावंकर और आभार जितेन्द्र कुमार मंडावी सर ने किया। कार्यक्रम में स्कूल के आध्यापकगण बी प्रसाद, ममता, योगेश यमराज, हेमंत बघेल और बडी संख्या में छात्र छात्राये उपस्थित थे।






