पंडरिया। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुवार को विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठजनों को मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना।उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को समझाना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

इस आयोजन में 35 वरिष्ठ हितग्राहियों की मधुमेह और अन्य स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान विशेषज्ञों ने उन्हें व्यक्तिगत परामर्श दिया और उनकी जीवनशैली में सुधार के लिए सुझाव दिए। इस तरह की स्वास्थ्य जांच का महत्व विशेष रूप से वरिष्ठजनों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह समय पर निदान और उचित इलाज सुनिश्चित करती है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में माता सरस्वती और धन्वंतरि देव के पूजन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। पंडरिया के बीएमओ (खंड चिकित्सा अधिकारी) डॉ. अनामिका पटेल और बीपीएम प्रदीप सिंह ने सभी वरिष्ठजनों का श्रीफल, शाल, एवं पुष्प से स्वागत किया। यह आयोजन एक उदाहरण था,कि कैसे हमारे समाज में बुजुर्गों स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए उनके प्रति सम्मान और उनकी स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता दी जाती है।

बीएमओ अनामिका पटेल ने बताया कि मधुमेह एक ऐसी बीमारी है,जो शरीर में इंसुलिन हार्मोन की कमी या प्रभावहीनता के कारण होती है।जिससे ब्लड शुगर का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाता है। इंसुलिन, शरीर में शर्करा (ग्लूकोज) के उपयोग और संग्रहण में मदद करता है।
परंतु मधुमेह के कारण शरीर में ग्लूकोज का स्तर असंतुलित हो जाता है। यह स्थिति तब और खतरनाक हो जाती है, जब मधुमेह का उचित इलाज न किया जाए। लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर यह बीमारी हृदय, गुर्दे, आँखें और तंत्रिका तंत्र को भी गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है। इसे ‘मूक हत्यारा’ कहा जाता है।क्योंकि इसके लक्षण प्रारंभ में बहुत स्पष्ट नहीं होते और यह धीरे-धीरे शरीर को क्षति पहुँचाता है।
मधुमेह की जटिलताएं और कारण-मधुमेह का मुख्य कारण शरीर में इंसुलिन का अपर्याप्त निर्माण या उसका सही उपयोग न हो पाना है। मुख्य रूप से दो प्रकार के मधुमेह होते हैं:
- टाइप 1 मधुमेह – जिसमें शरीर इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता। यह सामान्यतः युवावस्था में ही विकसित हो जाता है।
- टाइप 2 मधुमेह – जो कि अधिकतर वृद्धजनों में देखने को मिलता है। इसमें शरीर इंसुलिन का उपयोग प्रभावी रूप से नहीं कर पाता।
मधुमेह के प्रमुख कारणों में अनियमित जीवनशैली, असंतुलित आहार, शारीरिक गतिविधियों की कमी, और मोटापा शामिल हैं। तनाव, परिवार में मधुमेह का इतिहास और उच्च रक्तचाप भी इस रोग के कारक बन सकते हैं।
विषय विशेषज्ञों एवं डॉक्टर द्वारा मार्गदर्शन तथा उदबोधन-इस कार्यक्रम में पंडरिया के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मधुमेह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।बीएमओ डॉ. अनामिका पटेल (एम डी मेडिसिन)ने मधुमेह के गंभीर परिणामों के बारे में बताया और इसके विशेष गुण जो इसकी खामोशी के साथ होने वाले नुकसान को स्पष्ट किया। उन्होंने रोग के सामान्य लक्षणों जैसे अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान महसूस करना और अचानक वजन में बदलाव पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि मधुमेह का समय पर निदान और उसका प्रबंधन जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना सकता है।डॉ. आर के चंद्रवंशी(रेडियोलोजिस्ट)ने मधुमेह से बचाव में संतुलित खानपान की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए अपने आहार में शर्करा और तेल का सीमित उपयोग, हरी सब्जियों और फाइबर युक्त भोजन को शामिल करना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि नियमित व्यायाम जैसे पैदल चलना, हल्का योग और अन्य गतिविधियाँ मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती हैं।
मुख्य अतिथि डॉ. वी.पी. जायसवाल (एम डी मेडिसिन)ने वरिष्ठजनों के मधुमेह संबंधी प्रश्नों के उत्तर दिए और मधुमेह रोग प्रबंधन के विभिन्न तरीकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मधुमेह के रोगी अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव लाकर इस रोग को नियंत्रित रख सकते हैं। इसके अंतर्गत प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि, धूम्रपान और मदिरा का त्याग, तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच शामिल है।
बी पी एम प्रदीप सिंह द्वारा एन सी डी कार्यक्रम के बारे मे बताया गया एवं मधुमेह एवं ऐसे ही अन्य बीमारी के लिए स्वास्थ्य विभाग से दी जाने वाली समस्याओ के बारे मे विस्तार से बताया।
महत्वपूर्ण पहल
-कार्यक्रम के दौरान पेंशनर संघ के सदस्यों ने बीएमओ डॉ. अनामिका पटेल से अनुरोध किया कि वरिष्ठजनों की नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए सप्ताह में एक दिन विशेष रूप से निर्धारित किया जाए। इसे स्वीकार करते हुए डॉ. पटेल ने घोषणा की कि प्रत्येक गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया और सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HWC) में विशेष जांच दिवस आयोजित किया जाएगा। इस दिन वरिष्ठजनों की मधुमेह सहित अन्य बीमारियों की जांच और परामर्श की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे अपने स्वास्थ्य को नियमित रूप से जांच सकें और संभावित जटिलताओं से बच सकें।






