बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट कोरबा जिले के कटघोरा में जल संसाधन विभाग के द्वारा मशीनों से खुदाई का काम किया गया। इसके कारण क्षेत्र में शोर बढ़ गया, जिससे पक्षियों के प्रवास पर खतरा मंडराने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रामसर साइट प्राकृतिक संरक्षण का क्षेत्र होता है, जहां इस तरह का भारी मशीनों से किया गया कार्य जैव विविधता के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना पर्यावरणीय प्रभाव आकलन के ही कार्य शुरू कर दिया गया। मशीनों की आवाज से प्रवासी पक्षियों का आना-जाना प्रभावित हो रहा है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में पक्षियों की कई दुर्लभ प्रजातियां देखी जाती रही हैं।
वन विभाग के आला अफसरों को पता ही नहीं
बताया जा रहा है कि इस कार्य की जानकारी वन विभाग के उच्च अधिकारियों को भी नहीं थी। विभागीय अनुमति के बिना कार्य किए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब वहां काम पक्षियों के हिसाब से करना होगा
प्रशासन का कहना है कि अब काम को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और पक्षियों के प्रजनन व प्रवास काल को ध्यान में रखकर ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
प्रस्ताव वेटलैंड समिति को भेजा है
इस पूरे मामले को राज्य स्तरीय वेटलैंड समिति के समक्ष रखा गया है। समिति की अनुशंसा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।







