माता यदि जागरूक, स्वस्थ्य हैं तो उनके आने  वाली संतान भी स्वस्थ्य व सुपोषित होगें



अंडा। फोटो। महिला एवं बाल विकास विभाग जिला दुर्ग द्वारा  2025 के दौरान सभी आंगनवाड़ी  केंद्रों में थीम आधारित कार्यक्रम का आयोजन  किया जा रहा है।  IYCF थीम के आधार पर प्रथम प्रसव से जन्मे बच्चे  की माता एवं परिवार को सतत् स्तनपान के  उद्देश्यो  उद्देश्यों के आधार पर गृहभेंट के माध्यम से  स्तनपान के महत्व पर समझाईस दी गई,  किसी भी राष्ट्र के विकास में हर नागरिक का  योगदान  महिलाओं और बच्चों का रहता है वे जब शारीरिक  और मानसिक रूप से स्वस्थ्य होंगे तो समाच  निरोगी  होगा।  माता यदि जागरूक, स्वस्थ्य हैं तो उनके आने  वाली संतान भी स्वस्थ्य व सुपोषित होगें।  ऐसी ही कुछ कहानी ग्राम भानपुरी आंगनबाड़ी  केंद्र क्रमांक 2 की है जहां पर नियमित गृहभेट  और  पोषण खजानी के खाने के तरीके की लगातार व  प्रभावी समझाइस से नई बहु श्रीमती पुष्पा  ठाकुर पति  केवल ठाकुर के परिवार 2.700 किलो की बच्ची ने  जन्म लिया है।  नई बहू होने के कारण पहली गर्भावस्था के दौरान  क्या क्या ध्यान रखना, खान पान क्यों जरूरी है  इन  सभी के बारे में बहुत कम जानकारी होने और  जागरूकता नहीं होने से गर्भधारण करने के 3 से 5  माह तक  लगातार उल्टी होने और खाने में कमी होने से  गर्भवती का वजन कम बढ़ रहा था परिवार वाले  चिंतित हो  रहे थे।  अपनी बात को खुलकर भी बता नहीं पा रहे थे।  तभी कुपोषण मुक्त ग्राम पंचायत होने के कारण  विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास 2  दुर्ग  की पर्यवेक्षक श्रीमती सोनल सोनी और  आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शशि देवांगन  ने लगातार  गृहभेट करने लगे और लगातार सलाह, पोषण खजानी  को खाने के तरीके, रेडी टू इट की नियमित उपयोग  करने के  साथ साथ सप्ताह में तीन दिन भाजी का सेवन और  आयरन तथा कैल्शियम की गोली का उपयोग करने से  पूरे  गर्भावस्था के दौरान लगभग 12 किलो वजन की  वृद्धि हुई।  पुष्पा ठाकुर जो कि प्रथम बार गर्भवती हुई,  कार्यकर्ता दीदी द्वारा उसे एएनएम दीदी के  पास जांच  40  किलोग्राम और हीमोग्लोबिन मात्र 9 ग्राम है।  कार्यकर्ता दीदी द्वारा गर्भवती के घर  नियमित एवं सतत गृहभेट करना जारी रखा तथा  परिवार के अन्य  सदस्य को भी देखभाल में पुरा सहयोग करने हेतु  प्रेरित करती रही।  फलस्वरूप प्रसव के पूर्व तक गर्भवती का वजन 52  किलोग्राम और हीमोग्लोबिन 10.9 ग्राम हो गया।  इस कारण प्रसव के दौरान किसी भी प्रकार की  समस्या नहीं आई।  सबसे खुशी की बात यह हुई कि राष्ट्रीय पोषण  Año 2025  9 min  27.09.2025  Más información  को  जन्म दी है।  आज पूरा परिवार बहुत खुश है और पर्यवेक्षक और  कार्यकर्ता दीदी को सही समय पर सही जानकारी  दिए  जाने से बहुत धन्यवाद दे रही है।