ट्रैक्टर से रेत निकालने के एवज में प्रति ट्रिप 500 रुपये वसूले जाने की चर्चा, ग्रामीणों में आक्रोश पाटन। खारुन नदी के किनारे बसे ग्राम सिपकोना में नदी के भीतर से रेत निकालने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, नदी के पानी के बीच से रेत निकालकर ट्रैक्टरों के माध्यम से परिवहन किया जा रहा है। इस गतिविधि को लेकर राजस्व एवं खनिज विभाग के साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रेत निकालने वाले ट्रैक्टरों से प्रति ट्रिप 500 रुपये लिए जाने की चर्चा है। हालांकि, यह राशि कौन ले रहा है और किसके निर्देश पर वसूली की जा रही है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस मामले में संबंधित विभागों की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। ग्रामीणों का कहना है कि खारुन नदी से लगातार रेत निकाले जाने के कारण नदी के किनारों का कटाव बढ़ने की आशंका है। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ ही नदी के प्राकृतिक स्वरूप पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि नदी से रेत का खनन किया जा रहा है, तो इसकी अनुमति किसने दी है और क्या इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है? पंचायत की चुप्पी से ग्रामीण नाराज ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि रेत खनन की गतिविधियों पर पंचायत की ओर से रोक लगाने के लिए कोई प्रभावी पहल नजर नहीं आ रही है। ग्रामीणों ने राजस्व एवं खनिज विभाग से मामले की जांच कर रेत खनन की वैधता स्पष्ट करने, कथित वसूली की पड़ताल करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और ग्राम सिपकोना में खारुन नदी से रेत निकाले जाने की गतिविधियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।







