मुरूम के अवैध उत्खनन पर नहीं लग पा रहा अंकुश, दो दर्जन गांवों में बेखौफ चल रही खुदाई, अहिवारा क्षेत्र ज्यादा प्रभावित


अहिवारा (दुर्ग)।।अहिवारा विधानसभा और दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में मुरूम के अवैध उत्खनन और परिवहन का खेल लगातार जारी है। खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिन-रात बेखौफ तरीके से खुदाई कर मुरूम का परिवहन किया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार राजस्व और खनिज विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं। क्षेत्र में इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप भी तेज हो गए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अहिवारा और दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम कोड़ियां, अरसनारा, मेड़ेसरा, खेरधा, नारधा, पोटिया, बीरेभाट, बासीन सहित दो दर्जन से अधिक गांवों में अवैध रूप से मुरूम की खुदाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि बिना अनुमति तालाबों की खुदाई कर मुरूम निकाला जा रहा है, वहीं किसानों के खेत समतलीकरण के नाम पर भी बड़े पैमाने पर खनन हो रहा है।
ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि भाजपा के एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि के करीबी व्यक्ति के संरक्षण में यह पूरा कारोबार संचालित हो रहा है। राजनीतिक रसूख के चलते जिम्मेदार अधिकारी भी कार्रवाई करने से बचते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि सत्ता पक्ष के एक नेता के दौरे के दौरान उक्त रसूखदार व्यक्ति हमेशा उनके आसपास देखा जाता है, जिससे संरक्षण के आरोप और मजबूत हो रहे हैं।
अवैध उत्खनन के कारण शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं कई स्थानों पर शासकीय भूमि पर भी रात के अंधेरे में खुदाई किए जाने की चर्चा है। लगातार हो रही अवैध खुदाई से पर्यावरण और ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
मामले को लेकर कुछ गांवों के ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर अवैध उत्खनन पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफियाओं के आगे जिम्मेदार विभाग पूरी तरह नतमस्तक नजर आ रहे हैं और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक कार्रवाई करता है या फिर खनन माफियाओं का यह खेल इसी तरह चलता रहेगा।