नगरी/सिहावा,बेलरगांव।नगर पंचायत भखारा ने सेन समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए वार्ड क्रमांक-7 स्थित डुमराही तालाब के पास कोलियारी रोड बाईपास तिराहे का नाम ‘संत शिरोमणि नंदा सेनजी महाराज चौक’ रखा गया है। जिसका मंगलवार को संक्षिप्त गरिमामयी कार्यक्रम आयोजित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और नारियल फोड़कर चौक का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने इसे पूरे सेन समाज के सम्मान का क्षण बताया।

आयोजित कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि हरख जैन, नगर पंचायत उपाध्यक्ष विष्णु साहू, पार्षद छबिलाल निर्मलकर, परदेशीराम कंवर, एल्डरमैन किशोर गौर, दीनू निर्मलकर, सीएमओ हरिकिशन पावरिया सहित सेन समाज के जिला एवं परिक्षेत्रीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
विधायक प्रतिनिधि हरख जैन ने कहा कि सेन समाज के जिलाध्यक्ष धनसिंह सेन के लगातार प्रयास और विधायक अजय चंद्राकर के निर्देश पर परिषद ने विभिन्न महापुरुषों के नाम पर चौक नामकरण का प्रस्ताव पारित किया था। उन्होंने कहा कि यह चौक समाज को संत शिरोमणि नंदा सेनजी महाराज के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देगा।
नगर पंचायत उपाध्यक्ष विष्णु साहू ने कहा कि समाज की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होना खुशी की बात है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में सेन चौक का सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा।
प्रदेश प्रतिनिधि रामगोपाल सेन ने इसे सेन समाज के सम्मान का प्रतीक बताया। वहीं जिलाध्यक्ष धनसिंह सेन ने कहा कि दो परिषदों का कार्यकाल बीतने के बाद यह मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक चौक नहीं, बल्कि सेन समाज की पहचान और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र है। उन्होंने चौक परिसर में वृक्षारोपण कराने की भी घोषणा की तथा मांग पूरी कराने में सहयोग देने वाले विधायक अजय चंद्राकर, नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति हरख जैन, उपाध्यक्ष, पार्षदों और सीएमओ के प्रति समाज की ओर से आभार जताया।
कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव एवं परिक्षेत्रीय अध्यक्ष भगवानी राम शांडिल्य ने किया।
लोकार्पण कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष लालाराम भारद्वाज, पंचराम सेन,भूखन लाल सेन, डेरहा राम सेन, सचिव देवेंद्र सेन, सह सचिव शिवनंद सेन, कोषाध्यक्ष रविंद्र सेन,राजू सेन, डोमार सेन, अर्जुन सेन, मस्त राम सेन, गोलू सेन, बसंत सेन, रामानंद सेन, ज्वाला प्रसाद सेन, देवनाथ सेन बिसहत सेन, केदार सेन, मीना सेन, डेरहा राम सेन बगदेही सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।






