पाटन में ढाबा-रेस्टोरेंट में खुलेआम शराब परोसने का खेल, पुलिस-आबकारी की चुप्पी पर सवाल, महामाया मंदिर से शराब दुकान तक 15–20 सेंटर, कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति का आरोप

पाटन। नगर क्षेत्र में संचालित ढाबों, रेस्टोरेंट और चखना सेंटरों में खुलेआम शराब पिलाने का सिलसिला लगातार जारी है। स्थिति ऐसी बन गई है कि कई जगहों पर ग्राहकों को बैठाकर शराब सेवन कराने की खुली व्यवस्था की जा रही है, जिससे संचालकों की बिक्री में इजाफा हो सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गतिविधि लंबे समय से चल रही है, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतनी खुलेआम हो रही गतिविधियों पर जिम्मेदार विभाग क्यों मौन हैं।
नगर के कुछ पुराने नॉनवेज सेंटरों में वर्षों से बैठकर शराब पीने की व्यवस्था बनी हुई है। इन स्थानों पर बाकायदा बैठक की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, जहां ग्राहक बिना किसी रोक-टोक के शराब का सेवन करते देखे जा सकते हैं।
वहीं शराब दुकान तक जाने वाले मार्ग पर हाल के समय में कई नए ढाबे और होटल खुल गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इनका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को शराब सेवन की सुविधा देकर अपनी ग्राहकी बढ़ाना है। महामाया मंदिर से लेकर शराब दुकान तक करीब 15 से 20 ऐसे स्थान बताए जा रहे हैं, जहां खुलेआम शराब परोसी जा रही है।
हालांकि बीच-बीच में आबकारी विभाग द्वारा चालानी कार्रवाई की जाती है, लेकिन इसे केवल औपचारिकता भर माना जा रहा है। अब तक किसी बड़े स्तर पर सख्त कार्रवाई सामने नहीं आई है।
इधर, थाना पाटन की पेट्रोलिंग टीम भी नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरती है, बावजूद इसके अवैध रूप से शराब पिलाने वाले संचालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।