दुर्ग। टोनही प्रताड़ना के आरोप लगाने से तंग आकर एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतिका ने फांसी लगाने से पहले एक सुसाइडल नोट लिख छोड़ था। जिसमें उन्होंने टोनही का आरोप लगाकर प्रताड़ित करने वालों के नाम का उल्लेख किया था। इस मामले में सुनवाई को बाद न्यायालय ने चार आरोपितों को अधिकतम सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई है। जिसमें से तीन आरोपित एक ही परिवार के हैं।
प्रकरण के मुताबिक ग्राम रीवागहन निवासी जितेंद्र कुमार सपहा ने 18 मार्च 2020 को रानीतराई थाना में सूचना दी कि उसके पड़ोस में रहने वाली कीर्तन बाई साहू ने अपने घर के पीछे स्थित बाड़ी में एक पेड़ में रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। मृतिका ने आत्महत्या करने से पहले एक कागज में सुसाइडल नोट लिखा था। जिसमें उसने खोरबाहरा,चंदू,विजय ने टोनही के लिए मजबूर किया लिखा था। मामले में पुलिस ने मृतिका के पति खेमलाल साहू सहित अन्य लोगों का बयान लिया। जिसमें यह बात सामने आई कि 17 मार्च 2020 का रात्रि में चंदू साहू बड़बड़ाते और गाली गलौज करते हुए मृतिका के घर गया और विवाद करने लगा। जहां पहले से अन्य आरोपित खोरबाहरा साहू,विजय साहू,दूजराम साहू तथा 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की मौजूद थी। आरोपित गण कीर्तन बाई को बार-बार तुम जादू टोना करती हो,हमारी नातिन के ऊपर जादू टोना से भूत चढ़ा दी हो,तुन टोनही विद्या जानती हो,इस लड़की को झाड़ फूंककर ठीक करो कहकर प्रताड़ित कर रहे थे।कीर्तन बाई ने इसका विरोध किया और टोनही कहकर बदनाम मत करो कहकर रोने लगी। उसने यह भी कहा कि पूरे परिवार के सामने मेरे ऊपर टोनही का इल्जाम लगा रहे हो। इस तरह आरोपितगणो द्वारा कीर्तन बाई को टोनही के रूप पहचान कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इससे क्षुब्ध होकर कीर्तन बाई ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने धारा 306, छग टोनही प्रताड़ना अधिनियम 2005 की धारा 4,5,6,7 के तहत उतई थाना अंतर्गत ग्राम रीवागहन निवासी आरोपित विजय साहू ( 37) पिता चंदूराम साहू, चंदूराम साहू (61) पिता अंकालू, खोरबाहरा राम साहू(53) पिता अंकालू और ग्राम खपरी निवासी दूजराम साहू के खिलाफ अपराध दर्ज कर प्रकरण सुनवाई के लिए अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार टामक के न्यायालय मेंं पेश किया। न्यायालय ने विचारण उपरांत इस मामले में चारों आरोपितों का सात-सात वर्ष कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय में सुनवाई के दौरान शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी अपर लोक अभियोजक अशरद खान ने किया।







