दुर्ग।भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न भीषण चक्रवात ’अर्नब’ के प्रभाव से जिले में अधिकांश स्थानाें पर भारी वर्षा हो रही है। असामयिक वर्षा से फसलों में नुकसान की संभावना है। बीमित फसल में नुकसान होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत मुआवज़ा देने का प्रावधान है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2026 के लिए जिले में अधिसूचित फसले धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, तुअर (अरहर), मूंग, उड़द, मूंगफली, कोदो, कुटकी तथा रागी हैं।

उपसंचालक कृषि विभाग से मिली जानकारी अनुसार किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में तीन प्रमुख जोखिम फसल की बुवाई / रोपाई (प्रतिकूल मौसम अवस्थाओं के कारण) नहीं होने, स्थानीयकृत आपदाएं (ओलावृष्टि, जलप्लावन अतिवृष्टि धान फसल में जलप्लावन से होने वाली क्षति शामिल नहीं) एवं खेत में फसल काटने के पश्चात सुखाने के लिये रखी गई फसल में होने वाली क्षति को शामिल किया गया है। स्थानीय आपदा एवं फसल कटाई उपरांत खेत में सूखने रखी फसल में नुकसान होने पर अंतरिम राहत दिए जाने का प्रावधान है। किन्तु इस हेतु किसानों को 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके लिए कृषक केंद्र सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447 (कृषि रक्षक पोर्टल व हेल्पलाइन) पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर भी विवरण भेजा जा सकता है। किसान सीधे ही चउइिलण्हवअण्पद पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं एवं गूगल प्ले स्टोर से ’क्रॉप इंश्योरेंस ऐप’ डाउनलोड करके किसान स्वयं अपनी फसल हानि का पूरा विवरण दर्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, राजस्व विभाग, संबंधित बैंक या बीमा कंपनी को भी समय सीमा के भीतर सूचित कर सकते हैं, ताकि सर्वेक्षण के बाद बीमा दावा की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। कृषि विभाग द्वारा सभी किसान भाइयों से अपील की गई है कि अर्नब चक्रवात के वजह से अत्याधिक वर्षा होने पर जो किसान भाई की फसल नुकसान है, तत्काल सूचना देवे।
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