दुर्ग।।जिले में जेन अल्फा अब स्कूल में पढ़ाई छोड़ सड़क पर उतरने मजबूर है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का गृह जिला में शिक्षा व्यवस्था चरमराती नजर आ रही है। आज सेलूद में शौचालय जैसे बुनियादी सुविधा की मांग को लेकर छात्राएं सड़क पर उतर आई। चक्का जाम कर दिया। अब प्रशासन ने आश्वासन दिया है। उधर दुर्ग जिला के धमधा ब्लॉक में आश्वासन पूरा नहीं होते देख एक बार फिर छात्र छात्राएं सड़क पर उतर गए है। ये सब राज्य के शिक्षा मंत्री के जिला दुर्ग में हो रहा है।

जिले के पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर स्टूडेंट्स का आक्रोश एक बार फिर सड़क पर देखने को मिला। 21 अगस्त को चक्काजाम के बाद भी मांगें पूरी नहीं होने से नाराज छात्र-छात्राओं ने मंगलवार 25 अगस्त को दोबारा खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्टूडेंट्स का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षक नहीं हैं और कई विषयों के विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि शिक्षकों की कमी के चलते कई विषयों का सिलेबस भी समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स ने कहा कि 21 अगस्त के आंदोलन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इसके बाद उन्हें उम्मीद थी कि स्कूल में शिक्षकों की कमी दूर की जाएगी, लेकिन चार दिन बाद भी स्थिति में बदलाव नहीं हुआ। इसी वजह से उन्होंने दोबारा चक्काजाम करने का फैसला लिया।
स्टूडेंट्स की एक अन्य मांग स्कूल में संचालित ओपन स्कूल को लेकर भी है। उनका कहना है कि स्कूल के उपलब्ध शिक्षकों को ओपन स्कूल की व्यवस्था में लगाए जाने से नियमित विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि वे पढ़ाई छोड़कर सड़क पर प्रदर्शन नहीं करना चाहते, लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
स्टूडेंट्स ने मांग की है कि स्कूल में जल्द से जल्द पर्याप्त और विषयवार शिक्षकों की व्यवस्था की जाए। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करने की मांग की।

यह खबर उपलब्ध जानकारी और प्रदर्शनकारियों के दावों पर आधारित है। प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी शामिल किया जा सकता है।







