अंडा। ग्राम खप्परवाड़ा में आयोजित संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं और माखन चोरी का पावन प्रसंग बड़े ही मनमोहक ढंग से प्रस्तुत किया गया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्ति रस में डूब गया।
कथावाचक पं. भूपेंद्र पांडे जी ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि नंदलाल की नटखट लीलाएं भक्तों के हृदय को आनंद और प्रेम से भर देती हैं। उन्होंने माखन चोरी की लीला का महत्व बताते हुए कहा कि यह केवल बाल सुलभ चंचलता नहीं, बल्कि भगवान का अपने भक्तों के प्रति प्रेम और स्नेह का प्रतीक है।
कथा के दौरान जब माखन चोरी का प्रसंग सुनाया गया, तो श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और भजन-कीर्तन के साथ वातावरण भक्तिमय हो गया। पूरे कथा स्थल में जय श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे।

यह धार्मिक आयोजन स्व. वीरेंद्र सिंह चंद्राकर जी की पुण्य स्मृति में किया जा रहा है। स्व. श्री डोमन सिंह चन्द्राकर – शामबती,स्व. फकीर सिंह चन्द्राकर- बिसाहिन बाई, हीरा बाई,स्व. अमन सिंह चन्द्राकर – मीनाक्षी,स्व. शिवप्रसाद – स्व. श्रीमती देवकी बाई चन्द्राकर,स्व. चन्द्रशेखर चन्द्राकर, स्वागताकांक्षी श्रीमती रितु – लोकेश चन्द्राकर,श्रीमती वन्दना – मनीष देशमुख,श्रीमती प्रीति – जयन्द्र चन्द्राकर दर्शनाभिलाषी श्री गुलाब सिंह, खेमन सिंह, ईश्वर सिंह, नारायण सिंह, इन्द्रपाल सिंह, खिलावन सिंह, ऋषि, पुरुषोत्तम, राजकुमार, धीरज, एवं समस्त सौनक परिवार,प्रतिक्षारत्श्री डॉ. घनश्याम, अशोक, रमाकांत, राजकिशोर, कुलेश्वर, अनुप,उत्सुक नयन,जेमिनी, वैभव, जीत, अभिनव, अरूणिमा,आयोजन में उनके पुत्र संदीप (बंटी) – भारती चन्द्राकर, सौरभ (बाबू),माधवी चन्द्राकर,आदित्य, अनिरुद्ध (पौत्र) सहित परिवारजनों और ग्रामवासियों की सक्रिय सहभागिता रही। कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।







