आजीविका सेवा केंद्र लिटिया और भाटाकोकड़ी  का उद्घाटन

दुर्ग।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” योजनान्तर्गत संचालित एकीकृत कृषि क्लस्टर (IFC) के तहत  आजीविका सेवा केंद्र लिटिया और भाटाकोकड़ी  का उद्घाटन  मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग दुबे के मार्गदर्शन में किया गया जिसमे  मुख्य अतिथि, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री पवन  शर्मा जी के कर-कमलों द्वारा विधिवत रूप से संपन्न हुआ । उद्घाटन अवसर पर सर्वप्रथम फीता काटकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई , तत्पश्चात दीप प्रज्वलन किया गया।
आजीविका सेवा केंद्र का उद्देश्य स्व सहायता समूह की महिला कृषकों  को एक या एक से अधिक आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आय वृद्धि  करने का कार्य किया जाना है । उक्त आजीविका सेवा केंद्र में मुर्गी पालन हेतु हैचिंग यूनिट, दलहन उत्पादन की प्रोसेसिंग यूनिट एवं सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में उन्नत बीज नर्सरी के माध्यम से उपलब्ध कराने का कार्य किया जाएगा इसके अलावा पशु सखियों के माध्यम से टीकाकरण, कृषि सखियों के माध्यम से कृषि संबंधित प्रशिक्षण प्रदान करना। कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग और मत्स्य विभाग की योजनाओं का लाभ दिलाया जाने का कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री पवन  शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शासन की मंशानुरूप  आजीविका सेवा केंद्र ग्रामीण महिलाओं एवं समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह केंद्र महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ कृषि सेवाओं, कौशल प्रशिक्षण एवं विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा।
उद्घाटन कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों के सदस्यों को कृषि विभाग द्वारा जैविक दवाई निमास्त्र, ब्रम्हास्त्र, अग्नास्त्र बनाने हेतु ड्रम एवं ग्रीष्म ऋतु में लगाए जाने वाली मूंग के बीज वितरित किये गए एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधो का वितरण किया गया। 
इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत  सदस्य धमधा, सरपंच ग्राम पंचायत  लिटिया और भाटाकोकड़ी एवं क्लस्टर के पदाधिकारी, समूह सदस्य एवं  ग्रामवासी, आजीविका मिशन से जुड़े प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का वातावरण उत्साह और सकारात्मक सहभागिता से भरा रहा। कार्यक्रम का समापन सामूहिक सहभागिता एवं ग्रामीण विकास के संकल्प के साथ किया गया।