पंडरिया।नगर सहित ब्लाक अंतर्गत बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित प्लास्टिक सिस्पोजल व कैरी बैग का उपयोग हो रहा है।नगर में जहां शराब दुकान डिस्पोजल गिलास व पानी पाउच से पटे रहते हैं वहीं दुकानों में भी प्लास्टिक के पालीथिन का उपयोग दुकानदार कर रहे हैं।


इसी प्रकार वन क्षेत्र में पिकनिक व शराबखोरी कर लोग प्लास्टिक के डिस्पोजल बर्तन,पानी पाउच के प्लास्टिक छोड़ रहे हैं।जिससे प्लास्टिक के कचरे बड़ी मात्रा में हो रहे हैं। वनों में प्लास्टिक की मात्रा बढ़ रही है तथा वनों में प्रदूषण फैल रहा है।एक ओर शासन ने प्लास्टिक के उपयोग में पर प्रतिबंध लगाया है,किन्तु इसका उपयोग लोगों द्वारा बंद नहीं किया जा रहा है। प्लास्टिक से बने पात्र डिस्पोजल गिलास, सहित अन्य पात्र से प्रदूषण अब नगर के साथ-साथ वन भूमि व बीच जंगलों में फैल रहा है।इसके दुष्परिणाम को लेकर अधिकारी व आम लोग कोई गंभीर नहीं है।लोग प्लास्टिक डिस्पोजल गिलास, पानी पाऊच, प्लास्टिक चम्मच व थालियों का उपयोग वनों के बीच ज्यादातर नदी के किनारे करते हैं। उपयोग करने के बाद लोगों द्वारा इसे नष्ट नहीं किया जाता है,जिससे ये प्लास्टिक के सामग्री जंगलों व नदी में इधर-उधर बिखर जाते है।

उक्त प्लास्टिक से वनों के अलावा नदी में भी प्लास्टिक जमा हो जाते हैं।जिससे प्रदूषण फैलता है। अपने शौक के खातिर लोग जंगलों में रहने वाले वन्य जीव, पेड़-पौधों व जंगल की उपजाऊ मिटटी की परवाह नहीं कर रहे है। इसका नुकसान वन संपदा व वन्य प्राणियों पर पड़ता है। ज्यादा प्लास्टिक की मात्रा जंगल में होने पर मृदा पर विपरीत प्रभाव पडेगा।इसके अलावा वन्य प्राणियों का प्लास्टिक से संपर्क होने पर उनके जीवन तंत्र में बुरा प्रभाव पड़ेगा।
इन जगहों पर फैल रहा प्रदूषण-ब्लाक अंतर्गत क्रांति जलाशय, बदौरा तक करीब 6 किलोमीटर के जंगल,भैसाओदार,भाकुर,कांदावानी,प्रमुख पिकनिक स्पॉट है जहाँ प्लास्टिक से प्रदुषण बढ़ते जा रहा है।लोगों को स्वयं जागरुक होकर प्रकृति के विपरीत कार्य करने से बचना होगा,जिससे वन सम्पदा व वन्य प्राणी सहित लोग सुरक्षित रह सकें।साथ ही अधिकारियों को ऐसे स्थानों को चिन्हांकित कर कार्यवाही करनी चाहिए।
“नगर के दुकानों प्लास्टिक अमानक प्लास्टिक बिक्री करने पर कार्यवाही की मुनादी कराई जा रही है,जिसके पश्चात कार्यवाही की जाएगी।”लालजी चन्द्राकर सीएमओ पंडरिया।






