मनेन्द्रगढ़। अभाविप, छत्तीसगढ़ प्रांत का प्रदेश अभ्यास वर्ग का आयोजन 12 से 15 जून तक श्रृंगी ऋषि की पावन नगरी, राजिम (गरियाबंद) में संपन्न हुआ।

इस दौरान अभ्यास वर्ग के अन्तिम दिवस में संगठन द्वारा आगामी कार्यकाल हेतु विभिन्न दायित्वों की घोषणा की गईं, जिसमें कोरिया जिले के सक्रिय, लोकप्रिय एवं संघर्षशील छात्र सेवक बलबीर पुषाम को पुनः जिला संयोजक का दायित्व सौंपा गया।
साथ ही सरिता सिंह को जिला छात्रा प्रमुख का भी दायित्व सौंपा गया। इस दायित्व की घोषणा के बाद जिलेभर के कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
बलबीर पुषाम लंबे समय से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े हुए हैं और संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। छात्रहित के मुद्दों को लेकर उनकी निरन्तर सक्रियता और नेतृत्व क्षमता के कारण उनकी विशेष पहचान बनी है। उनकी पुनर्नियुक्ति को जिले में संगठनात्मक विस्तार एवं छात्र आन्दोलनों को नई ऊर्जा देने वाला निर्णय माना जा रहा है।
छात्राओं के बीच लोकप्रिय और प्रेरणादायी नेतृत्व के रूप में उभरीं सरिता सिंह,
नवनियुक्त जिला छात्रा प्रमुख सरिता सिंह जनजातीय समाज से आने वाली सक्रिय छात्रा एवं उभरती हुईं, युवा नेतृत्वकर्ता हैं। वर्तमान में वे नगर सहमंत्री, मनेन्द्रगढ़ जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही है।
उन्होंने राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले भर का नाम गौरवान्वित किया है। खेल, संगठन और छात्र नेतृत्व के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण वे छात्राओं के बीच एक चर्चित एवं लोकप्रिय चेहरा बनकर उभरी हैं।
उनकी कार्यशैली, अनुशासन एवं निरन्तर सहभागिता छात्राओं एवं महिलाओं के लिए प्रेरणादायी मानी जा रही है। संगठन को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में छात्राओं की भागीदारी और अधिक सशक्त होगी तथा नए आयाम की भी स्थापना होगी।
छात्रहित के संघर्षों से बनी अलग पहचान,
बलबीर पुषाम ने संगठन में नगर मंत्री एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है।
शिक्षा, शुल्क, छात्र सुविधाओं एवं अधिकारों से जुड़े विषयों पर उन्होंने लगातार सक्रिय भूमिका निभाई है तथा छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
“जिम्मेदारी बढ़ी है, मेहनत भी दोगुनी होगी”
पुनः जिला संयोजक नियुक्त होने पर बलबीर पुषाम ने कहा कि यह दायित्व उनके लिए सम्मान के साथ-साथ जिम्मेदारी का भी है।
उन्होंने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, कहा कि वे पहले से अधिक मेहनत और समर्पण के साथ कार्य करेंगे तथा छात्रहित के लिए निरन्तर संघर्षरत रहेंगे।
संगठन द्वारा सौंपे गए दायित्वों पर पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प भी उन्होंने व्यक्त किया।






