आवास निर्माण की गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल जिला दुर्ग


दुर्ग। जिले में महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत मजदूरों का राजमिस्त्री का प्रशिक्षण कार्यक्रम अप्रारंभ किया गया   कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन में प्राथमिकता से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत प्रोजेक्ट उन्नति के तहत मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा निर्माण प्रगति को गति देने के उद्देश्य से राजमिस्त्री कार्य का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
यह प्रशिक्षण जनपद पंचायत धमधा की ग्राम पंचायत नंदवाय में स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण से पूर्व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से हितग्राहियों की काउंसलिंग की गई तथा उनकी अभिरुचि के अनुसार प्रशिक्षण हेतु चयन किया गया।
8 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक संचालित इस 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 35 हितग्राहियों को शामिल किया गया है। सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा श्री अरदीप ढीढी द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्यों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपादित करने संबंधी आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण में सभी 35 पुरुष हितग्राही सक्रिय रूप से राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षार्थियों को मनरेगा के अंतर्गत ₹261 प्रतिदिन की दर से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। मास्टर ट्रेनर श्री ओमप्रकाश निर्मकर द्वारा आवास निर्माण में मजबूती लाने हेतु आवश्यक निर्माण सामग्री के अनुपात, निर्माण कार्य की समय-सीमा, बरती जाने वाली सावधानियां एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे ग्रामीण हितग्राहियों ने बताया कि इस पहल से उनमें आत्मनिर्भरता की भावना विकसित होगी। वे न केवल अपने स्वयं के आवासों का निर्माण बेहतर गुणवत्ता के साथ कर सकेंगे, बल्कि अन्य लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही, इस कौशल प्रशिक्षण से भविष्य में रोजगार एवं आय के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।