कागजी प्रशिक्षण की शिकायत पर जांच शुरू…रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना में लाखों का बंदरबांट

मुंगेली। रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत जिले में लाखों रुपए की राशि कर शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने आपस में मिलकर बंदरबांट कर लिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसमें स्कूली बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाले महत्वपूर्ण प्रशिक्षण को शिक्षा विभाग के अफसरों और कर्मचारियों ने कमाई का जरिया बना लिया। शिकायतकर्ता ने पूरे जिले में जांच की मांग की है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के सुशासन राज में कराटे प्रशिक्षित एक शिकायतकर्ता ने बताया कि वे पिछले कई महीने से कलेक्ट्रेट के दफ्तर में शिकायत के मामले को लेकर चक्कर काट रहा है। रानी लक्ष्मीचाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत स्कूली बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कराटे का प्रशिक्षण दिया जाना था। प्रशिक्षकों के चयन को लेकर भी गाइड लाइन को

कलेक्टोरेट परिसर मुंगेली (छ.ग.)

दरकिनार कर जमकर मनमानी की गई। ज्यादातर स्कूलों में अनुभवहीन शिक्षकों ने खुद को कराटे प्रशिक्षक बताकर न सिर्फ प्रशिक्षण दिया, बल्कि कराटे प्रशिक्षण के लिए प्राप्त राशि भी निकाल लिया गया। यही नही प्रशिक्षकों को नियमानुसार पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण को राशि का भुगतान किया जाना था। इसमें भी नगद भुगतान कर जमकर खेला किया गया। महत्वपूर्ण प्रशिक्षण को शिक्षा

विभाग के अफसरों और कर्मचारियों ने कमाई का जरिया चना लिया। यही वजह है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते इसको लेकर न मॉनिटरिंग किया गया और नहीं मॉनिटरिंग दल का गठन किया गया। शिकायतकर्ता जैतराम साह ने जिला शिक्षाधिकारी व कलेक्टर को कई बार शिकायत किया, अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुआ है। ये मामला इसलिए भी गंभीर हो

जांच कर कार्यवाही की जा रही है

रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षणा योजना के तहत कराटे प्रशिक्षण के नाम पर विभाग के कुछ लोगों द्वारा राति निकाले जाने की शिकायत पर जांच कर कार्यवाही की जा रही है। सीके घृतलहरे, जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली

जाता है क्योंकि शिक्षा विभाग से जुड़ा है, जो कि यह विभाग अभी मुख्यमंत्री के पास है। जबकि डिप्टी सीएम अरुण साव और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के गृह जिले का मामला है। इसके बावजूद मामले में जांच जांच का खेल चल रहा है। यही वजह है कि अब शिकायतकर्ता जैतराम साह ने जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन को ज्ञापन देकर इस मामले में कार्रवाई की मांग किया हैं।