पंडरिया।नगर के बाजार में इन दिनों जामुन बड़ी मात्रा में आ रही है।वहीं वनांचल व मैदानी ग्रामीण क्षेत्रों में जामुन के फल पक चुके हैं।जिसका सेवन गांव के बच्चों सहित बड़े लोग कर रहे हैं।क्षेत्र के जंगलों में बड़ी संख्या में जामुन का वृक्ष उपलब्ध हैं।जो लोगों के अलावा वनों में रहने वाले जीव जंतुओं,पक्षियों के लिए प्रमुख भोजन है। गर्मियों में खाया जाने वाला जामुन एक बेहद गुणकारी फल है। यह डायबिटीज को नियंत्रित करने के साथ ही बहुत फायदेमंद माना जाता है।
आयुर्वेदिक रूप से गुणकारी-जामुन में ‘जम्बोलीन’ और ‘जंबोसिन’ नामक यौगिक होते हैं, जो शुगर लेवल को नियंत्रित करने और इंसुलिन की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद करते हैं,तथा इसमें मौजूद फाइबर और पाचन गुण गैस, कब्ज, और पेट फूलने जैसी समस्याओं को दूर करते हैं। इसके बीज का पाउडर भी पेट के अल्सर में लाभकारी माना जाता है। जामुन आयरन और विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है और एनीमिया (खून की कमी) से लड़ने में मदद करता है।इसके एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन गुण त्वचा में कसाव लाते हैं और पिंपल्स जैसी समस्याओं को कम करते हैं। यह बढ़ती उम्र के लक्षणों को रोकने में भी सहायक है। जामुन कैलोरी में कम और फाइबर से उच्च होता है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है और वजन कम करने में मदद मिलती है







