पाटन। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की आमद पूरी कायनात के लिए रहमत बनकर आई। उन्होंने इंसानियत को अमन, मोहब्बत, इंसाफ और भाईचारे का पैगाम दिया। उनकी शिक्षाएं सच्चाई, ईमानदारी और इंसानियत की सेवा का संदेश देती हैं।

पाटन नगर में पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के यौम-ए-पैदाइश के मौके पर जश्न-ए-ईद-मिलाद-उन-नबी का पर्व अकीदत और धूमधाम के साथ मनाया गया। रबी-उल-अव्वल महीने की शुरुआत से ही पाटन जामा मस्जिद को आकर्षक रोशनी से सजाया गया था।

इस दौरान मस्जिद में दरूद ख्वानी का सिलसिला चला। 24 अगस्त को भिलाई से पहुंचे मुफ्ती मोहम्मद जलालुद्दीन कादरी ने पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत पर रोशनी डाली। महफिल में नातख्वां अय्यूब खान, अशोगा शैफ, सलमान और मोहम्मद शाहनवाज ने नात-ए-पाक पेश कर समां बांध दिया।

रबी-उल-अव्वल की 12वीं तारीख को फज्र की नमाज के बाद जामा मस्जिद में परचम कुशाई की गई। इसके बाद सुबह 10 बजे पाटन शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस शहर के विभिन्न गलियों और मोहल्लों से होकर गुजरा। इस दौरान समाज के लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों के लिए जगह-जगह चाय, नाश्ता और फल की व्यवस्था की।
जुहर की नमाज के समय जुलूस वापस जामा मस्जिद पहुंचा, जहां दोबारा परचम कुशाई की गई और केक काटा गया। इसके बाद आम लंगर का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने शामिल होकर लंगर-ए-मोहम्मदी का तबर्रुक हासिल किया।
कार्यक्रम में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों नवागांव, बोरिद, रानीतराई, असोगा, आमदी, मर्रा, तर्रा, फूंडा, तेलीगुंडरा और बोरेंदा सहित अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम जमात के सदर हाजी शकील मोहम्मद के नेतृत्व में हुआ। इस अवसर पर नायब सदर सैय्यद जाफरी, खजांची कलीम मोहम्मद, सज्जाद हुसैन, सेक्रेटरी सैय्यद वसीम अली सहित समाज के लोग मौजूद रहे। पाटन जामा मस्जिद के पेश इमाम जनाब हाफिज अहमद रजा साहब भी उपस्थित रहे।
समाज के लोगों ने देश और समाज में अमन, चैन, खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। कार्यक्रम के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन और साइबर ब्रांच की ओर से जामा मस्जिद में कैंप लगाया गया था। वहीं पूरे जुलूस के दौरान पाटन थाना पुलिस टीम मुस्तैदी से तैनात रही। मुस्लिम समाज ने पुलिस प्रशासन एवं पाटन थाना के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।






