जितेंद्र साहू की पहल से तेलघानी व्यवसाय को नई दिशा16 जिलों के हितग्राहियों ने बड़ोदरा में देखी आधुनिक तेल निष्कर्षण एवं प्रसंस्करण तकनीक


रायपुर। छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू की पहल से प्रदेश में पारंपरिक तेलघानी व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप इसी क्रम में प्रदेश के 16 जिलों के हितग्राहियों का एक दिवसीय अंतरराज्यीय अध्ययन भ्रमण गुजरात के बड़ोदरा जिले स्थित नाकोडा एंटरप्राइजेस में आयोजित किया गया।
अध्ययन भ्रमण के दौरान हितग्राहियों ने आधुनिक तेल निष्कर्षण मशीनरी, तिलहन प्रसंस्करण, उप-उत्पादों के उपयोग तथा व्यवसाय संचालन की नई तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक तेलघानी व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़ना, इसकी संभावनाओं से युवाओं एवं महिलाओं को परिचित कराना तथा हितग्राहियों को व्यवसाय के नए अवसरों की जानकारी देना रहा।
एक ही तिलहन से तेल के साथ अन्य उत्पादों की संभावनाएं
अध्ययन भ्रमण के दौरान हितग्राहियों ने आधुनिक मशीनरी के माध्यम से तेल निष्कर्षण की प्रक्रिया को करीब से समझा। श्याम सुंदर साहू, फलदेवपुर, खैरागढ़ एवं तहसील साहू समाज अध्यक्ष ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के दौरान उन्हें कई नई जानकारियां मिलीं। उन्होंने बताया कि आधुनिक मशीन में लगभग 2 किलो फल्ली से करीब 1 लीटर तेल प्राप्त होते देखा। उन्होंने कहा कि पारंपरिक प्रक्रिया में तेल निकालने के बाद प्राप्त खली का सीमित उपयोग होता था, लेकिन आधुनिक तकनीक के माध्यम से फल्ली से तेल के साथ-साथ चिकी, प्रोटीन पाउडर अथवा ग्रेवी जैसे अन्य उत्पाद तैयार करने की संभावनाएं भी देखने को मिलीं। इससे एक ही कच्चे माल से अतिरिक्त आय अर्जित करने के अवसर विकसित हो सकते हैं।
पारंपरिक व्यवसाय से महिलाओं को जोड़ने पर जोर
सुशीला साहू, जगदलपुर ने कहा कि तेलघानी का व्यवसाय हमारे पारंपरिक व्यवसायों में से एक है और इससे जुड़कर महिलाएं भी आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में उपलब्ध तेल की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ रही है। ऐसे में शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तेल का उत्पादन कर स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार तैयार किया जा सकता है। उन्होंने आधुनिक तकनीक से तेलघानी व्यवसाय को आगे बढ़ाने की संभावनाओं को उपयोगी बताया।
किसान ने जताई आधुनिक मशीन से व्यवसाय जोड़ने की इच्छा
लोकमनी चंद्राकर ने बताया कि वे स्वयं सरसों की फसल का उत्पादन करते हैं और अपने द्वारा उत्पादित सरसों का तेल उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण के दौरान आधुनिक मशीनरी एवं तेल निष्कर्षण की प्रक्रिया को देखकर उन्हें इस व्यवसाय की नई संभावनाओं की जानकारी मिली है। आने वाले समय में वे आधुनिक मशीन के माध्यम से तेलघानी व्यवसाय से जुड़ने का प्रयास करना चाहते हैं।
युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर
इस अवसर पर श्री जितेंद्र साहू, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड ने कहा कि तेलघानी व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण एवं अध्ययन आधारित कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से हितग्राहियों को अन्य राज्यों में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, विपणन एवं व्यवसाय संचालन की जानकारी प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि इन तकनीकों और व्यवसायिक पद्धतियों को छत्तीसगढ़ में अपनाकर तेलघानी क्षेत्र को और मजबूत किया जा सकता है। युवाओं को पारंपरिक व्यवसाय से जोड़ने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार एवं रोजगार के नए अवसर विकसित करना बोर्ड की प्राथमिकता है।
श्री साहू ने बताया कि तेलघानी व्यवसाय से जुड़ने वाले हितग्राहियों को मशीनरी की खरीदी पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 35 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से हितग्राहियों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण तेल तैयार करने, उप-उत्पादों का बेहतर उपयोग करने तथा उत्पादों के प्रभावी विपणन की जानकारी दी जा रही है।
तकनीकी एवं व्यवसायिक रूप से सक्षम बनाने का प्रयास
कार्यक्रम के दौरान श्री अमित श्रीवास्तव, सचिव, छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड ने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य तेलघानी व्यवसाय से जुड़े लघु उद्यमियों एवं तिलहन उत्पादक कृषकों को तकनीकी एवं व्यवसायिक रूप से सक्षम बनाना है। एक दिवसीय अध्ययन भ्रमण के दौरान हितग्राहियों ने आधुनिक तेल निष्कर्षण तकनीक, तिलहन प्रसंस्करण, मशीनरी संचालन, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन जैसी गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से हितग्राहियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के व्यावहारिक उपयोग को समझने का अवसर भी मिलता है। इससे प्राप्त अनुभवों का उपयोग छत्तीसगढ़ में तेलघानी व्यवसाय को अधिक व्यवस्थित एवं आधुनिक रूप देने में किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि तेलघानी व्यवसाय में आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रसंस्करण, आकर्षक पैकेजिंग एवं प्रभावी ब्रांडिंग को अपनाकर उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में हितग्राहियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे तेलघानी व्यवसाय की उत्पादकता एवं आय बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से तेलघानी व्यवसाय से जुड़े हितग्राहियों ने सहभागिता की। अध्ययन भ्रमण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा मशीनरी, उत्पादन प्रक्रिया, उत्पादों की गुणवत्ता, उप-उत्पादों के उपयोग एवं व्यवसाय संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां और व्यावहारिक सुझाव दिए गए।