पंडरिया-केंद्रीय इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, भोपाल स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन (PSSICVE) श्यामला हिल्स में कैपेसिटी बिल्डिंग, करियर गाइडेंस एवं काउंसलिंग विषय पर पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए ब्लाक के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, दुल्लापुर की अधिक्षिका कामिनी जोशी ने सहभागिता की। छत्तीसगढ़ चार अधिक्षिका को भेजा गया था।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों, शैक्षणिक प्रशासकों एवं कार्यरत कार्मिकों की क्षमता संवर्धन के साथ-साथ बालिकाओं के लिए मानसिकता की समझ,प्रभावी करियर मार्गदर्शन,संप्रेषण, एवं परामर्श की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना रहा। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों उत्तरप्रदेश ,उतराखण्ड ,मध्यप्रदेश से आए वार्डन एवम शिक्षकों और प्रशासकों ने सहभागिता की।कामिनी जोशी ने अपने संबोधन में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं की शैक्षणिक, सामाजिक एवं मानसिक आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला। केस स्टडी ,उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों की बालिकाओं के लिए केवल औपचारिक शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें समय-समय पर करियर गाइडेंस एवं काउंसलिंग के माध्यम से उनकी रुचि, क्षमता और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने अपने 19 वर्षों के शैक्षणिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि सही मार्गदर्शन से बालिकाएँ आत्मनिर्भर बन सकती हैं।जलते दिए को केवल जलता दिया ही रोशन कर सकता है इस और समाज की मुख्यधारा से सशक्त रूप में जुड़ सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम शिक्षकों और अधीक्षिकाओं को नई शैक्षणिक पद्धतियों, मनोवैज्ञानिक समझ और करियर विकल्पों की अद्यतन जानकारी प्रदान करते हैं, जिससे वे विद्यार्थियों का बेहतर मार्गदर्शन कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान करियर काउंसलिंग के विभिन्न आयामों, कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा, आत्मविश्वास निर्माण तथा बालिकाओं के समग्र विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिए गए। प्रतिभागियों ने समूह चर्चा एवं अनुभव साझा सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रोग्राम कॉर्डिनेटर डॉ रेखारानी NCERT ,संगीता सिंग, NCERT आयोजक ने कामिनी जोशी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य का प्रभावी प्रतिनिधित्व करने तथा बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान की सराहना की। यह कार्यक्रम न केवल शैक्षणिक क्षमता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि केजीबीवी की बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए करियर गाइडेंस एवं काउंसलिंग की भूमिका को भी सुदृढ़ करने वाला रहा।







