मर्रा बाज़ार चौक में ‘कारी बदरिया’ की धूम : बारहमासी और गौरी-गौरा गीतों पर झूम उठे दर्शक

पाटन।सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति, बाज़ार चौक के मर्रा  तत्वावधान में मंगलवार रात्रि  भव्य छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘कारी बदरिया’ का आयोजन किया गया। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में आस-पास के ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने देर रात तक पारंपरिक गीतों का आनंद लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना और वंदना के साथ हुई। इसके बाद ‘कारी बदरिया’ मंच के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

बारहमासी और गौरी-गौरा गीतों ने बांधा समां
इस सांस्कृतिक उत्सव का मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ की माटी की सोंधी महक समेटे बारहमासी गीत और गौरी-गौरा गीत रहे। जैसे ही कलाकारों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर गौरी-गौरा के पावन गीत गाने शुरू किए, पूरा माहौल भक्तिमय और उल्लास से भर गया। गीतों की जीवंत प्रस्तुति और कर्णप्रिय धुनों ने दर्शकों पर ऐसा जादू चलाया कि पंडाल में मौजूद लोग खुद को रोक नहीं पाए और झूमने व नाचने पर मजबूर हो गए।

देर रात तक थिरकते रहे दर्शक
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि दुर्गोत्सव के दौरान क्षेत्र में छत्तीसगढ़ी लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी संस्कृति के विभिन्न रंगों को बखूबी दिखाया गया, जिसने युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी का दिल जीत लिया। दर्शकों के उत्साह का आलम यह था कि लोग कार्यक्रम के अंत तक अपनी जगहों पर डटे रहे और कलाकारों का तालियों के साथ हौसला बढ़ाते रहे।

सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति बाज़ार चौक मर्रा के सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी ग्रामीणों और आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया है।