मामले में 12 आरोपी गिरफ्तार, 2 भरमार बंदूकें और 3 मोबाइल जब्त

पेंड्रा। जिले के थाना क्षेत्र के ग्राम दरमोहली में 21 वर्षीय युवक सरवन सिंह कुसराम की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिसे पहले पेट दर्द, खून की उल्टी और दस्त से हुई प्राकृतिक मौत बताया गया था, वह अवैध शिकार के दौरान गोली लगने से हुई हत्या निकली। वहीं आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो भरमार बंदूक, एक एयर बंदूक और तीन मोबाइल भी जब्त किए गए हैं।
दरअसल गौरेला थाना क्षेत्र के ग्राम दरमोहली में अवैध शिकार के दौरान युवक की गोली लगने से हुई मौत के मामले का पुलिस ने लगभग 20 दिन बाद खुलासा करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक भरमार बंदूक, एक एयर गन और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने घटना के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए मृतक का बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार कर दिया था तथा उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देकर पूरे मामले को छिपाने का प्रयास किया।

पुलिस के मुताबिक 28 जून 2026 को ग्राम कोटवार हरिश्चंद्र पनिका ने सूचना दी थी कि दरमोहली निवासी सरवन सिंह कुशराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है और परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया है। सूचना पर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में एसडीओपी सत्यकला रामटेके, थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे एवं एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि सरवन की मौत पेट दर्द और खून की उल्टी होने से हुई है, लेकिन घटनास्थल पर कमरे में खून के धब्बे मिलने से पुलिस को संदेह हुआ और मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। वहीं जांच के दौरान 17 जुलाई को मृतक के बड़े भाई पवन सिंह ने पुलिस को वास्तविक घटना बताई। उसने बताया कि 27 जून को गांव के कुछ लोग उसे जंगल ले गए, जहां सरवन सिंह का शव पड़ा था। वहां मौजूद लोगों ने स्वीकार किया कि सभी लोग जंगल में जंगली जानवर का अवैध शिकार करने गए थे। इसी दौरान रामायण सिंह कुशराम द्वारा भरमार बंदूक से चलाई गई गोली सरवन सिंह के सीने में लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सभी आरोपी हाथ जोड़कर माफी मांगने लगे और पुलिस को जानकारी नहीं देने का दबाव बनाया। जब पवन सिंह ने विरोध किया तो उसे भी गोली मारने की धमकी दी गई। बाद में मृतक के पिता देवशरण सिंह को भी जंगल बुलाकर धमकाया गया। डर के कारण परिवार ने पुलिस को बीमारी से मौत होने की झूठी जानकारी दी और अगले दिन आरोपियों की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिससे पोस्टमार्टम नहीं हो सका।मर्ग जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने हत्या, साक्ष्य मिटाने, आपराधिक धमकी तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर रामायण सिंह कुशराम, संतलाल सिंह धुर्वे, लक्ष्मण यादव, कमलेश कुमार सलाम, कैलाश सिंह, अर्जुन सिंह, बलराम सिंह गोंड, अवधराज उर्फ अधरू गोंड, सुरजन सिंह धुर्वे, बैधा उर्फ बेदराम गोंड, भान सिंह उर्फ भानू तथा मुरारी गोंड सहित 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक भरमार बंदूक, एक एयर गन और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैंकार्यवाही कर गिरफ्तार करते हुए मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर अपराध पंजीबद्ध करते हुए धारा 105, 190, 238(बी), 351(3) बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है। वहीं मामले के खुलासे में एसडीओपी सत्यकला रामटेके, थाना प्रभारी शनिप रात्रे, उप निरीक्षक अजय वारें, पीएसआई आकाश बघेल, पीएसआई नेहा रावटे, साइबर सेल तथा गौरेला थाना एवं चौकी सिवनी के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।।







