आशीष दास

कोंडागांव/बोरगांव । कृषि विज्ञान केंद्र कोंडागांव (बोरगांव) व केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड उत्तर मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र के संयुक्त प्रयास से वर्षा जल संग्रहण, संरक्षण व भूगर्भ जल स्तर बढ़ाने के विषय मे किसानो से मात्स्यकी विभाग प्रक्षेत्र, कोंडागांव में चर्चा किया गया । केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक ओम प्रकाश ने बताया कि जल न केवल जीवन के अस्तित्व के लिए बल्कि त्वरित कृषि और औधोगिक विकास के लिए बही बुनियादी आवश्यक है, लगातार भूजल स्तर मे कमी एक चिंतनीय विषय है, केन्द्रीय भूमिजल बोर्ड से सिधांत कुमार साहू ने बताया कि जल संसाधन के समुचित उपयोग के लिए सतही और भूजल दोनों पर ध्यान केन्द्रित करना नितांत आवश्यक है, भूजल विकास के लिए कृत्रिम पुनर्भरण तकनीको के माध्यम से जल का स्तर बढाया जा सकता है, विशेषज्ञ अभिषेक कुमार ने बताया की भूजल के दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ का समग्र विकास 36.96% है जो निम्न है, सतही जल का खेती मे व्यवहारिक उपयोग से अधिक मात्रा मे जल का संरक्षण किया जा सकता है। सिंचाई विभाग से कार्यपालन अभियंता टीआर मेश्राम ने जल रिचार्ज संरचनाओ (परकोलेशन टैंक ,नाला बंडल, ग्रेवटी हेड रिचार्ज कुएं व सबसे ज्यादा प्रभावशील रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग आदि ) का विस्तार कर जल संरक्षण बढ़ाए जाने पर जोर दिया, केंद्र के वैज्ञानिक डॉ हितेश मिश्रा ने इस अवसर पर जलशक्ति अभियान के अंतर्गत जिले के लगभग 100 किसानो को फलो के पौधे वितरित किये, साथ ही कार्यक्रम मे उद्यानकी विभाग से लोकेश ध्रुव, मात्स्यकी विभाग से योगेश देवांगन,नारियल विकास बोर्ड से हेमंत नेताम उपस्थित रहे।






