पाटन। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के आदेशानुसार तथा माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के अध्यक्ष श्रीमान के. विनोद कुजूर के कुशल मार्गदर्शन में आज बालकों के अधिकारों की रक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। व्यवहार न्यायालय पाटन के एडीजे व तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष, प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती शीतल निकुंज, और सचिव श्रीमान उमेश कुमार भागवतकर के दिशा-निर्देशन में शासकीय माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला खोरपा तथा अखरा में “अखिल भारतीय विद्यालय जागरूकता अभियान: सुरक्षित बचपन अभियान” का भव्य शुभारंभ 10 अक्टूबर 2026 को किया गया।

इस विशेष विधिक जागरूकता स्कूल शिविर में बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ ‘लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम 2012’ (POCSO Act) की महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम का सफल संचालन अधिवक्ता शेखर वर्मा एवं थाना प्रभारी पाटन युवराज साहू के विशेष मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
थीम आधारित संदेशों से बच्चों को किया गया जागरूक

शिविर के दौरान बच्चों के मन से डर भगाने और उन्हें सुरक्षित माहौल देने के लिए विभिन्न प्रेरणादायक और सुरक्षात्मक थीमों पर विस्तृत चर्चा की गई, जैसे:
- मेरा बचपन मेरा अधिकार व कानून जानो बचपन बचाओ
- डिजिटल सुरक्षा के लिए: सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन
- बच्चों को आवाज उठाने की प्रेरणा देने हेतु: बोलो, बताओ, बचाओ
- सामाजिक बुराइयों के खिलाफ: न बाल विवाह, न बाल शोषण
- देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए: जागरूक बचपन, सशक्त भारत
शिविर के मुख्य उद्देश्य

विशेषज्ञों और विधिक टीम द्वारा स्कूली बच्चों को सरल भाषा में निम्नलिखित विषयों की जानकारी दी गई:
- व्यक्तिगत और ऑनलाइन सुरक्षा: बच्चों को ‘गुड टच और बैड टच’ के अंतर को समझाया गया, साथ ही इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग करते समय बरती जाने वाली सावधानियों (ऑनलाइन सुरक्षा) से अवगत कराया गया।
- अधिकार और कानून: पॉक्सो एक्ट (POCSO) के तहत बच्चों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण और अधिकारों के बारे में बताया गया।
- शिकायत प्रक्रिया: यदि किसी बच्चे के साथ दुर्व्यवहार या शोषण होता है, तो वे बिना डरे इसकी शिकायत कहाँ और कैसे दर्ज करा सकते हैं, इसकी पूरी प्रक्रिया समझाई गई।
- निःशुल्क विधिक सहायता: बच्चों और उनके अभिभावकों को विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मिलने वाली मुफ्त कानूनी सहायता और बाल संरक्षण से संबंधित सरकारी हेल्पलाइनों की जानकारी दी गई।
इस गरिमामयी आयोजन में कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए विधि सम्मत तरीके से पूरी रूपरेखा तैयार की गई थी। कार्यक्रम को सफल बनाने में तालुका विधिक सेवा समिति के पैरालीगल वॉलिंटियर्स (PLVs), स्कूल के शिक्षकों, स्टाफ और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। शिविर के अंत में बच्चों ने यह संकल्प लिया कि वे न सिर्फ अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहेंगे, बल्कि किसी भी गलत गतिविधि के खिलाफ खुलकर आवाज भी उठाएंगे।







