बड़ी संख्या में चरोटा भाजी तोड़ने पहुंच रहे वनवासी ,शुगर के लिए औषधि माना जाता है।
पंडरिया-ब्लाक के वनांचल के

लोग इन दिनों बड़ी संख्या में चरोटा भाजी तोड़ने पहुंच रहे हैं।रविवार को पुटपुटा व आस-पास के करीब 40 लोग चरोटा भाजी तोड़ने बदौरा के जंगलों में पहुंचे हुए थे।वे इसके लिए स्वराज मेटाडोर किराया करके पहुंचे हुए थे तथा खाना लेकर पहुंचे हुए थे।भाजी तोड़ने आये रमौतीन बाई व दुलारी सहित महिलाओं ने बताया कि वे कई दिन भाजी तोड़ने आते हैं।वे इसे ले जाकर कुछ भाजी को हरा सब्जी के रूप में उपयोग करेंगे तथा शेष को उबालकर सुखाते हैं।जिसे करीब दो-तीन माह तक सब्जी के रूप में उपयोग करते हैं।उन्होंने बताया कि वे सुबह आते हैं,तथा शाम तक भाजी तोड़ते हैं।सभी लोग करीब एक बोरी से अधिक भाजी तोड़ कर ले जाते हैं।महिलाओं द्वारा बताया गया कि चरोटा भाजी शुगर के लिए लाभदायक होता है।वे शुगर के पेशेंट हैं।जिसके चलते वे इस भाजी का उपयोग करते हैं।सभी के लिए यह उपयोगी होता है।
*कम हो रहे चरोटा के पौधे*-चरोटा के पौधे का क्षेत्र लगातार कम होते जा रहा है।ये प्रतिवर्ष कम होते जा रहे हैं।इनकी जगह खेत बन रहे हैं,वहीं गाजर घांस पनप रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि उनके क्षेत्र में जंगलों में खेत बन गए हैं।जिसके चलते वे 25 किलोमीटर दूर गाड़ी किराया कर भाजी तोड़ने बदौरा के जंगल मे आते हैं।
*चरोटा बीज भी उपयोगी*-चरोटा के भाजी का उपयोग जहां किया जा रहा है वहीं इसका बीज भी उपयोगी होता है।चरोटा के बीज ऊंचे दामों में बिकते हैं।ग्रामीण इसका बीज निकालकर व्यापारियों को बेचते हैं तथा आय प्राप्त करते हैं।बताया जाता है कि इसके बीज का औषधीय उपयोग किया जाता है।