पंडरिया।नवरात्रि के पावन पर्व की अष्टमी के अवसर पर ग्राम पौनी में एक सराहनीय सांस्कृतिक पहल की शुरुआत हुई है। प्राथमिक शाला पौनी के प्रधानपाठक वासुदेव सिंह के निवास पर ‘नन्हीं शिक्षा ज्योति जस मंडली पौनी’ का विधिवत पूजा-अर्चना कर शुभारंभ किया गया। इस मौके पर स्कूल की नन्हीं बालिकाओं ने बेहद मनमोहक और मधुर जसगीतों की प्रस्तुति देकर उपस्थित ग्रामीणों का मन मोह लिया।

बच्चों को मिला प्रोत्साहन
इस खास अवसर पर जस मंडली में भाग लेने वाले बच्चों, उनके पालकों और स्थानीय ग्रामीणों का उत्साहवर्धन किया गया। प्रतिभागी बच्चों और ग्रामीणों को प्रोत्साहन स्वरूप वस्त्र (कपड़े) प्रदान किए गए, जिससे बच्चों के चेहरे खिल उठे।
संस्कृति और शिक्षा का अनूठा संगम
मंडली के शुभारंभ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए प्रधानपाठक वासुदेव सिंह ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें अपनी लोक संस्कृति, समृद्ध परंपरा और कला से जोड़े रखना है। नन्हीं बालिकाओं द्वारा संस्कृति संरक्षण के लिए उठाया गया यह कदम और बाल प्रतिभाओं को निखारने का यह प्रयास पूरे क्षेत्र में काफी सराहनीय माना जा रहा है।
ग्रामीणों का मिल रहा सहयोग
इन नन्हीं बालिकाओं को अपनी कला में माहिर बनाने के लिए गांव के अनुभवी बुज़ुर्गों और युवाओं का पूरा सहयोग मिल रहा है। रमेश साहू, बिहारी साहू, रामू यादव और सुंदर साहू सहित अन्य ग्रामीणों की देखरेख में इन बालिकाओं को पारंपरिक जसगीत का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में रहे उपस्थित
इस गरिमामय और सांस्कृतिक आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से रामसहाय साहू, सुनील साहू, प्रीति साहू, जलेश्वर साहू, धीरज साहू, आदित्य, ईश्वरी साहू, भोला, और शंकर साहू शामिल थे।






